Sharad Pawar Meets PM Modi: शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की मुलाकात, महाराष्ट्र के किसान संकट और NEET-UG छात्र आंदोलन पर सौंपा ज्ञापन (See Pics)

Sharad Pawar Meets PM Narendra Modi Over Maharashtra Agrarian Crisis, NEET Protests: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) ने बुधवार को अपनी बेटी और बारामती से लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले (Supriya Sule) के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से संसद स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र में कृषि संकट और NEET-UG परीक्षा पेपर लीक को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर एक ज्ञापन सौंपते हुए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की. यह मुलाकात संसद के मानसून सत्र के दौरान हुई. इससे एक दिन पहले शरद पवार और सुप्रिया सुले ने जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से भी मुलाकात की थी. Annamalai Breaks Silence On NEET-UG Row: नीट-यूजी विवाद पर के अन्नामलाई ने तोड़ी चुप्पी, छात्र आंदोलन और सरकार के रवैये पर उठाए सवाल

महाराष्ट्र के किसान संकट पर उठाई आवाज

प्रधानमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में शरद पवार ने महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में अनियमित बारिश, लगातार सूखे और प्रशासनिक बाधाओं से पैदा हुई गंभीर समस्याओं का जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि पिछले एक साल में विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र में 2,700 से अधिक किसानों ने आत्महत्या की, यानी औसतन हर तीन घंटे में एक किसान की मौत हुई. पवार ने कहा कि किसानों को अस्थायी अनुदान या कर्ज माफी की बजाय उपज का उचित मूल्य और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की जरूरत है.

 

शरद पवार ने दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात की:

सिंचाई परियोजनाओं की जांच और मुआवजे की प्रक्रिया आसान बनाने की मांग

शरद पवार ने प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया तेज करने के लिए डिजिटल सत्यापन प्रणाली को सरल बनाने की मांग की. इसके अलावा उन्होंने लंबित सिंचाई परियोजनाओं की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जल जीवन मिशन को प्रभावी ढंग से लागू करने की भी मांग की.

NEET-UG छात्र आंदोलन पर भी उठाया मुद्दा

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात के बाद शरद पवार ने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से सरकार रचनात्मक संवाद करे. उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर पुलिस कार्रवाई के बजाय संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाना चाहिए. शांतिपूर्ण ढंग से अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग कर रहे प्रदर्शनकारियों की बात सुनना सरकार की जिम्मेदारी है.

सियासी अटकलों के बीच हुई मुलाकात

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब केंद्र सरकार मानसून सत्र में परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) को पारित कराने के लिए संसद में दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश कर रही है. हालांकि इस मुलाकात के बाद राजनीतिक अटकलें तेज हो गईं, लेकिन NCP (SP) की ओर से कहा गया कि प्रधानमंत्री के साथ हुई चर्चा पूरी तरह कृषि संकट और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रही.

बताया जा रहा है कि संसद में NCP (SP) के आठ सांसद परिसीमन विधेयक के लिए सरकार की रणनीति में अहम माने जा रहे हैं. पार्टी पहले संकेत दे चुकी है कि यदि सरकार सभी राज्यों में 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का लिखित आश्वासन देती है तो वह इस विधेयक का समर्थन करने पर विचार कर सकती है.