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भारत को शक्तिशाली राष्ट्र बनाने के केंद्र में हैं आत्मनिर्भरता, सुरक्षित सीमाएं: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यहां शनिवार को कहा कि आत्मनिर्भरता और सुरक्षित सीमाएं भारत को एक शक्तिशाली राष्ट्र बनाने के केंद्र में हैं.

भारत को शक्तिशाली राष्ट्र बनाने के केंद्र में हैं आत्मनिर्भरता, सुरक्षित सीमाएं:  राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Photo Credits: ANI)

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यहां शनिवार को कहा कि आत्मनिर्भरता और सुरक्षित सीमाएं भारत को एक शक्तिशाली राष्ट्र बनाने के केंद्र में हैं. यहां कॉन्क्लेव 2022 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, 2047 तक भारत को सबसे शक्तिशाली राष्ट्रों में से एक में बदलने के लिए सरकार के अटूट संकल्प को प्रतिध्वनित किया, जिसमें कहा गया कि रक्षा मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य 'आत्मनिर्भर भारत' को प्राप्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है.

सिंह ने एक आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग द्वारा निर्मित अत्याधुनिक हथियारों और उपकरणों के साथ सशस्त्र बलों को लैस करने पर सरकार के ध्यान को रेखांकित किया और सकारात्मक जारी करने सहित आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए मंत्रालय द्वारा उठाए गए कई कदमों की जानकारी दी. हाल ही में कमीशन किए गए आईएनएस विक्रांत का उदाहरण देते हुए, जिसमें 76 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री है, उन्होंने कहा कि भारत के पास आधुनिक हथियार और प्लेटफॉर्म बनाने की क्षमता है.

उन्होंने कहा, "एक समय था, जब भारत केवल 1,900 करोड़ रुपये के रक्षा उपकरणों का निर्यात करता था. आज यह आंकड़ा 13,000 करोड़ रुपये को पार कर गया है. हमने 2025 तक 1.75 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जिसमें 35,000 करोड़ रुपये का निर्यात शामिल है. हम लक्ष्य हासिल करने की दिशा में अग्रसर हैं." यह भी पढ़ें : बड़ा हादसा टला! बेंगलुरु जा रही अकासा एयर की फ्लाइट को अचानक वापस आना पड़ा मुंबई

सीमा क्षेत्र के विकास को सरकार के दृष्टिकोण का एक और पहलू बताते हुए रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि सशस्त्र बलों की तैयारियों को और मजबूत करने और देश को रहने वाले लोगों के साथ जोड़ने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों के साथ संपर्क बढ़ाने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने उत्तर-पूर्व को भारत का हाथ बताया, जिसे आजादी के बाद लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया. उन्होंने जोर देकर कहा कि पूर्वोत्तर की प्रगति शुरू से ही सरकार के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में से एक रही है, क्योंकि यह क्षेत्र देश के आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और रणनीतिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है.

मंत्री ने कहा, "पिछले 8.5 वर्षो में हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि पूर्वोत्तर राज्यों में शांति और समृद्धि की बहाली रही है. 2014 के बाद से पूर्वोत्तर के लगभग हर राज्य में हिंसा की घटनाओं में लगभग 80-90 प्रतिशत की कमी आई है. अधिकांश चरमपंथी संगठनों को या तो जड़ से उखाड़ दिया गया है या आत्मसमर्पण कर दिया है और मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं. सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम को 80 प्रतिशत क्षेत्रों से हटा दिया गया है. यह संभव हो गया था, लेकिन अब क्षेत्र में स्थिरता और स्थायित्व है. "

भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था अधिक गतिशील और मजबूत हुई है. उन्होंने कहा कि देश में स्टार्ट-अप की संख्या 2014 में सिर्फ 400 थी जो कई गुना बढ़कर 75,000 हो गई है. इनमें से 100 से अधिक को दुनियाभर में एक अरब डॉलर के मूल्यांकन के कारण यूनिकॉर्न के रूप में जाना जाता है.

सिंह ने कहा, "आज, अधिकांश देश धीमी अर्थव्यवस्था की समस्या का सामना कर रहे हैं. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 2022-23 में अपनी वैश्विक जीडीपी विकास दर 2.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है. जबकि भारत की विकास दर को कम करके आंका गया है, यह अभी भी 6.1 प्रतिशत आंकी गई है. दुनिया भारत की विकास गाथा की ओर देख रही है."

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 15, 2022 05:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).