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बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रानौत पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हो: कांग्रेस

कांग्रेस ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना राणावत को अज्ञानी सरकारी अदाकारा करार देते हुए उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाए जाने की मांग की है. कांग्रेस ने कंगना से पद्मश्री समेत सभी पुरस्कार वापस लेने की मांग की है.

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रानौत पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हो: कांग्रेस
कांग्रेस (Photo Credits: Wikimedia Commons)

नई दिल्ली, 18 नवम्बर : कांग्रेस ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना राणावत को अज्ञानी सरकारी अदाकारा करार देते हुए उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाए जाने की मांग की है. कांग्रेस ने कंगना से पद्मश्री समेत सभी पुरस्कार वापस लेने की मांग की है. कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में कंगना को अज्ञानी सरकारी अदाकारा बताया. उन्होंने कहा कि कंगना लगातार महात्मा गांधी पर गलत टिप्पणी करती जा रही हैं यहां तक कि उन्होंने यह भी कहा कि सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी के बीच सब कुछ ठीक नहीं था. बोस और भगत सिंह को बापू का कभी समर्थन नहीं मिला. जबकि सुभाष चंद्र बोस की पुत्री ने इस बात का स्पष्टीकरण देते हुए यह भी कहा है कि सुभाष चंद्र बोस यदि भारत में किसी का सबसे ज्यादा सम्मान करते थे तो वह महात्मा गांधी थे.

उन्होंने कहा कि लगातार महात्मा गांधी के खिलाफ कंगना बयानबाजी कर रही हैं और मोदी सरकार और बीजेपी के नेता चुप्पी साधे हुए हैं, इसके पीछे क्या वजह है? उन्होंने कहा कि कंगना तो यह भी कह चुकी हैं कि हमें आजादी 1947 में नहीं बल्कि 2014 में मिली है. उन्होंने कहा कि कंगना को इतिहास का ज्ञान नहीं है तो उन्हें इस बारे में टिप्पणी करने से बचना चाहिए. देश के महापुरुषों के बारे में इतना कुछ कहने और गलत बयानबाजी करने के बाद उन पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए. उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च नागरिक को पद्मश्री पुरस्कार दिया जाता है और जितने भी सम्मान उन्हें दिए गए हैं, वह देश के अच्छे नागरिकों, देश भक्तों के लिए हैं. ऐसे में उनसे यह सभी पुरस्कार और सम्मान वापस ले लिए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि कंगना को यह सब बयान देने के लिए कौन कह रहा है यह किसी के समझ से परे है, लेकिन उन्हें अब भी अपने बयानों पर माफी मांग लेनी चाहिए. यह भी पढ़ें : स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट से पता चलता है कि समीर वानखेड़े मुस्लिम हैं: नवाब मलिक

गौरव वल्लभ ने कहा कि यह कोई कंगना की फिल्म नहीं है जो लगातार देश के महापुरुषों पर वो इस तरीके की बयानबाजी कर रही हैं. यहां आजादी लकड़ी के घोड़े पर बैठकर नहीं मिली थी जैसा कि उन्होंने अपनी फिल्म में किया. महात्मा गांधी ने अहिंसा को अपने जीवन में उतारा जिस, हिंसा की बात कंगना राणावत करती हैं, उसका उन्हें ठीक से ज्ञान जरूर ले लेना चाहिए. गौरतलब है कि कंगना ने दावा किया था कि नेताजी और भगत सिंह को महात्मा गांधी से समर्थन नहीं मिला. साथ ही कंगना ने बापू के 'अहिंसा के मंत्र' का भी मजाक बनाते हुए कहा था कि एक और गाल आगे करने से आपको 'भीख' मिलती है आजादी नहीं. 'भीख' वाले अपने कमेंट के जरिये कंगना ने अपने पिछले सप्ताह के बयान की याद दिलाई जब उन्होंने कहा था कि भारत को 2014 में वास्तविक आजादी मिली. जब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीजेपी सत्ता में आई और 1947 में स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दशकों के लंबे संघर्ष के बाद जो आजादी मिली वह भीख थी.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 18, 2021 04:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).