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बांग्लादेश में ISKCON मंदिर पर हमले के बाद भी मिल रही धमकी, पुलिस पर उपद्रवियों का साथ देने का आरोप, अब तक नहीं हुई एक भी गिरफ्तारी

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में गुरुवार को इस्कॉन राधाकांत मंदिर को लोगों की भीड़ ने निशाना बनाया. इस मामले पर भारत सरकार ने गंभीरता दिखाई है. मंदिर पर हमले को लेकर भारतीय उच्चायोग बांग्लादेशी अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं.

बांग्लादेश में ISKCON मंदिर पर हमले के बाद भी मिल रही धमकी, पुलिस पर उपद्रवियों का साथ देने का आरोप, अब तक नहीं हुई एक भी गिरफ्तारी
(Photo Credit : Twitter)

Attack on Bangladesh ISKCON Temple: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में गुरुवार को इस्कॉन राधाकांत मंदिर को लोगों की भीड़ ने निशाना बनाया. उपद्रवियों ने मंदिर में तोड़फोड़ और लूटपाट की. इस्कॉन मंदिर के चिकित्सा प्रभारी रसमणि केशवदास ने बताया कि "हमें मंदिर छोड़ने की धमकी मिली है. बीती रात 500-600 लोगों ने मंदिर पर हमला किया. पुलिस उनको समर्थन कर रही है वो हमारी बात नहीं सुन रही. हमने केस दर्ज कराया, लेकिन अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है. हमें अभी तक धमकी मिल रही है. पहले हमें पुलिस संरक्षण अच्छा नहीं मिला था बाद में उच्चतर प्राधिकारी को बोला गया तब हमें अभी थोड़ा पुलिस संरक्षण मिला है, अब 10 पुलिस यहां लगातार रह रहे हैं बांग्लादेश में हिंदू मंदिर पर हमला, भीड़ ने की तोड़फोड़, देखिए VIDEO

इस मामले में राधाकांता इस्कॉन मंदिर के पुजारी कृष्ण दास ने आरोप लगाया है कि मंदिर पर उत्तेजित भीड़ के हमले के दौरान उनके दो सहायक घायल हो गए. घटना के पीछे जमीन से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है. वहीं पुलिस का कहना है कि मारपीट के आरोप सही नहीं है. इस मामले पर भारत सरकार ने गंभीरता दिखाई है. इसे लेकर भारतीय उच्चायोग बांग्लादेश के अधिकारियों के साथ संपर्क में है.

बांग्लादेश के स्थानीय धार्मिक संगठनों ने इस्कॉन मंदिर पर हमले का विरोध किया है. वहीं भारत में भी इसके खिलाफ आवाज उठाई जा रही है. विहिप ने बांग्लादेश से देश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपाय करने का भी आह्वान किया है. इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष राधारमण दास  ने बताया कि बांग्लादेश सरकार ने हमारे मंदिर के सामने 12 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है. भारत सरकार ने पहले ही भारतीय दूतावास को बांग्लादेश सरकार के साथ इस मामले को उठाने का निर्देश दिया है.

इस मामले पर कोलकाता इस्कॉन मंदिर के वाइस प्रेसिडेंट राधारमण दास ने सीधे संयुक्त राष्ट्र पर निशाना साधा है.आपको बता दें कि ये पहला मौका नहीं है, जब बांग्लादेश में इस तरह की घटना हुई हो. पिछले साल नोआखली में भी इस्कॉन मंदिर पर हमले की खबर सामने आई थी. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 9 साल में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर 3,600 से ज्यादा हमले हुए हैं. इनमें से 1,678 बार धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ की गई.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक मंदिर पर हमले को लेकर भारतीय उच्चायोग बांग्लादेशी अधिकारियों के साथ संपर्क में है. रिपोर्टों के अनुसार, बांग्लादेश के ढाका के वारी इलाके में एक इस्कॉन से जुड़े राधाकांत जीव मंदिर पर 17 मार्च को हमला किया गया था. इस्कॉन मंदिर में हुई हिंसा में करीब 150-200 लोग शामिल थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 19, 2022 03:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).