Sambhal Jama Masjid Survey: संभल जामा मस्जिद विवाद मामले में इलाहाबाद HC से मुस्लिम पक्ष की PIL खारिज, मस्जिद का दोबारा होगा सर्वे
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में स्थित जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर को लेकर चल रहे विवाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने मस्जिद कमेटी की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें मस्जिद के सर्वे पर रोक लगाने की मांग की गई थी.
Sambhal Jama Masjid Survey: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में स्थित जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर को लेकर चल रहे विवाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने मस्जिद कमेटी की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें मस्जिद के सर्वे पर रोक लगाने की मांग की गई थी.
संभल जामा मस्जिद का दोबारा होगा सर्वे
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मस्जिद का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा दोबारा सर्वे किया जाएगा. यह फैसला जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने सुनाया, जिन्होंने मुस्लिम पक्ष, मंदिर पक्ष के वकील हरिशंकर जैन और ASI के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद यह निर्णय लिया. यह भी पढ़े: Sambhal Jama Masjid Dispute: संभल जामा मस्जिद में मिले 50 से ज्यादा हिंदू कलाकृतियां, सर्वे रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
सर्वे रोकने के लिए मुस्लिम पक्ष ने HC में दी थी चुनौती
इससे पहले संभल की सिविल कोर्ट ने मस्जिद में ASI सर्वे कराने का आदेश दिया था, जिसे मुस्लिम पक्ष ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. याचिका में कहा गया था कि सर्वे को तत्काल प्रभाव से रोका जाए, लेकिन हाई कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी.
हिंदू पक्ष का दावा यहां पर मंदिर था
हिंदू पक्ष का दावा है कि जामा मस्जिद एक प्राचीन मंदिर को तोड़कर बनाई गई है और वे मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए प्रवेश करना चाहते हैं. इस याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद हाई कोर्ट ने 13 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया है.
फैसले के खिलाफ SC जाएगी मस्जिद कमेटी
ताजा अपडेट के मुताबिक, मस्जिद कमेटी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का फैसला किया है। कमेटी का कहना है कि वे हाईकोर्ट के आदेश से असहमत हैं और सुप्रीम कोर्ट में अपनी बात रखेंगे.
जानें कैसे उठा विवाद
संभल जामा मस्जिद को लेकर यह विवाद तब उठा जब वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने दावा किया कि यह मस्जिद कभी भगवान विष्णु का मंदिर थी. उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की 1879 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मस्जिद के खंभों और संरचना में हिंदू मंदिरों की विशेषताएं हैं. रिपोर्ट में उल्लेख है कि मस्जिद के खंभों पर प्लास्टर चढ़ा हुआ है, और मस्जिद के गुंबद के नीचे की संरचनाएं भी प्राचीन हिंदू मंदिर की प्रतीत होती हैं. जिसके बाद यह मामला कोर्ट तक जा पहुंचा
(The above story first appeared on LatestLY on May 19, 2025 03:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

