Sabarimala Gold Theft Case: सबरीमाला सोना चोरी मामला, पूर्व देवस्वोम अधिकारी को मिली जमानत, एन वासु की हिरासत बढ़ाई गई

Sabarimala Gold Theft Case: सबरीमाला सोना चोरी मामले में सोमवार को अहम घटनाक्रम सामने आया है. इस मामले में सबरीमाला देवस्वोम के पूर्व कार्यकारी अधिकारी सुधीश कुमार को अदालत ने जमानत दे दी है. दोनों मामलों में उन्हें वैधानिक (स्टैच्यूटरी) जमानत मंजूर होने के बाद जेल से रिहा किया जाएगा.

वहीं, इस बहुचर्चित मामले में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एन वासु को एक बार फिर अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि को बढ़ा दी है.

जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल अभी जारी है और पूछताछ के लिए हिरासत जरूरी है। इसी कड़ी में द्वारपालक प्रतिमा से जुड़े मामले में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सबरीमाला के तांत्रिक कंतारारू राजीव ने अदालत में जमानत याचिका दायर की है। अदालत द्वारा इस याचिका पर सुनवाई की तिथि तय की जानी बाकी है.

बता दें कि यह मामला 2019 से चर्चा में है, जब सोने की परत हटाने का आरोप सामने आया था। केरल हाई कोर्ट की निगरानी में एसआईटी ने अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। ईडी ने 9 जनवरी को पीएमएलए के तहत ईसीआईआर दर्ज किया था.

जांच से पता चल रहा है कि यह केवल सोने का गबन नहीं, बल्कि मंदिर की संपत्ति और चढ़ावे से जुड़े बड़े पैमाने पर घोटाले का मामला है। भक्तों में इस खबर से रोष है, क्योंकि सबरीमाला भगवान अय्यप्पा का सबसे पवित्र तीर्थस्थल है.

प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि सोने की परत चढ़ी पवित्र कलाकृतियों को जानबूझकर आधिकारिक रिकॉर्ड में 'कॉपर प्लेट्स' के रूप में दर्ज किया गया और 2019 से 2025 के बीच मंदिर से चोरी करके बाहर ले जाया गया। आरोप है कि सोना चेन्नई और कर्नाटक में निजी प्लांट में रासायनिक प्रक्रियाओं के जरिए निकाला गया और इससे हुई कमाई को छुपाया गया और दूसरे बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किया गया ताकि किसी को शक न हो.

जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि सबरीमाला मंदिर में अन्य वित्तीय गड़बड़ियां और घोटाले हुए हैं, जैसे मंदिर के भेंट और धार्मिक अनुष्ठानों से संबंधित गलत इस्तेमाल। इन सभी मामलों की भी पीएमएलए के तहत जांच की जा रही है.