Bihar Flood 2025: बिहार इन दिनों भीषण बाढ़ की चपेट में है. गया जिले से लेकर राजधानी पटना तक पानी ने कहर मचा रखा है. कहीं नदियां उफान पर हैं तो कहीं गांव के गांव जलमग्न हो चुके हैं. सबसे ज्यादा मुसीबत में किसान और दिहाड़ी मज़दूर हैं, जिनकी रोज़ी-रोटी पर बाढ़ ने पानी फेर दिया है. गया जिले के हालात बेहद चिंताजनक हैं. बारिश के बाद कई सड़कें टूट चुकी हैं, पुल बह गए हैं और गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है. कई जगहों पर राहत और बचाव कार्य जारी है. एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीमें ज़मीनी स्तर पर काम कर रही हैं. प्रशासनिक अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं.
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रिहायशी इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी
VIDEO | Jehanabad, Bihar: Flood water enters residential areas in Jafarganj, Ambedkar Nagar as Dardha river overflows.#BiharNews #Flood
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— Press Trust of India (@PTI_News) July 17, 2025
बोधगया के बतसपुर में भी भारी बारिश
#WATCH | Gaya, Bihar: Flood water enters residential areas in Bataspur, Bodh Gaya, due to heavy rainfall in the region pic.twitter.com/1wRJYyb5wJ
— ANI (@ANI) July 16, 2025
बिहार में बाढ़ से तबाही का मंजर
टूटी सड़कें, जलमग्न गांव..बिहार के गया में हर ओर तबाही का मंजर #Bihar | #Flood pic.twitter.com/j4nx5ExK0u
— NDTV India (@ndtvindia) July 17, 2025
अपने रौद्र रूप में आ रही गंगा नदी
वहीं, राजधानी पटना में गंगा नदी धीरे-धीरे अपने रौद्र रूप में आ रही है. गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 48.14 मीटर तक पहुंच चुका है, जो कि खतरे के निशान 48.60 मीटर से बस कुछ ही सेंटीमीटर नीचे है. अगर बारिश इसी तरह जारी रही, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं.
हाथीदह घाट की स्थिति भी गंभीर
हाथीदह घाट की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है. यहां जलस्तर 41.05 मीटर है जबकि खतरे की सीमा 41.76 मीटर है. दीघा घाट, जो पटना का एक प्रमुख इलाका है, वहां भी गंगा लगातार उफान पर है और 49.32 मीटर के पास पहुँच चुकी है. नदी का यह उफान प्रशासन के लिए चिंता की बड़ी वजह बन गया है.
नदियां भी चैन से नहीं बैठीं हैं
पटना के आसपास की अन्य नदियां भी चैन से नहीं बैठीं. पुनपुन नदी श्रीपालपुर में 47.68 मीटर तक पहुंच गई है, जबकि सोन नदी कोइलवर में अपने सामान्य स्तर से लगातार ऊपर बढ़ रही है. यह इशारा है कि आने वाले दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं.
राहत और बचाव कार्य शुरू
जिला प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है. सभी अंचलाधिकारी, बीडीओ और राहत टीमों को सतर्क कर दिया गया है. दियारा क्षेत्र में विशेष निगरानी रखने के निर्देश जारी किए गए हैं ताकि अगर गंगा किनारे तोड़ती है, तो तुरंत राहत और बचाव शुरू किया जा सके.
हाई अलर्ट पर NDRF और SDRF
आपदा प्रबंधन विभाग ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रखा है. नावें, मेडिकल टीमें और राहत सामग्री तैयार रखी गई हैं. पटना के लोग टकटकी लगाए देख रहे हैं कि गंगा का अगला कदम क्या होगा—शांति या तबाही?












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