BMC चुनाव के बाद 'रिजॉर्ट पॉलिटिक्स' की वापसी: संजय राउत बोले- ‘पर्दे के पीछे बहुत कुछ जारी, मैसेज उन तक पहुंच रहे हैं’
मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव में महायुति की जीत के बाद मेयर पद को लेकर सस्पेंस गहरा गया है. एकनाथ शिंदे द्वारा अपने 29 पार्षदों को होटल में शिफ्ट करने पर संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि ‘खेल अभी बाकी है.’
BMC Election 2026: एशिया की सबसे अमीर नगर निकाय, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के चुनाव परिणामों ने मुंबई (Mumbai) की सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल दिया है. शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को घोषित हुए नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के नेतृत्व वाली शिवसेना (Shivsena) के गठबंधन, यानी 'महायुति' ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. कुल 227 सीटों में से इस गठबंधन ने 118 सीटें हासिल की हैं, जो बहुमत के आंकड़े (114) से चार अधिक हैं.
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव 2026 के नतीजे आने के बाद मुंबई की राजनीति में एक बार फिर 'रिजॉर्ट पॉलिटिक्स' की हलचल तेज हो गई है. एनडीए (महायुति) को स्पष्ट बहुमत मिलने के बावजूद, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने सभी 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को बांद्रा के एक फाइव-स्टार होटल में शिफ्ट कर दिया है. इस कदम ने राजनीतिक गलियारों में 'होर्स ट्रेडिंग' और पार्षदों के टूटने के डर को हवा दे दी है. यह भी पढ़ें: BMC Elections 2026: बीएमसी चुनाव 2026 में जीतने वाले मुस्लिम उम्मीदवारों की पूरी सूची
'संदेश उन तक पहुंच रहे हैं' - संजय राउत
शिवसेना (UBT) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस स्थिति पर चुटकी लेते हुए कहा कि पर्दे के पीछे बहुत कुछ चल रहा है. उन्होंने दावा किया कि कोई भी बहुमत, चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो, स्थिर नहीं होता.
राउत ने तंज कसते हुए कहा, 'शिंदे गुट के पार्षद जिस होटल में ठहरे हैं, वहां हमारी टीम के लोग लंच के लिए जा रहे हैं. उन्हें हम पर शक नहीं करना चाहिए. आप उन्हें कितना भी कैद कर लें, संचार के कई साधन हैं; संदेश अभी भी उन तक पहुंच रहे हैं.' उन्होंने आगे कहा कि अगर 'ईश्वर की इच्छा' हुई, तो मेयर उनकी पार्टी का ही बनेगा.
संजय राउत ने रिजॉर्ट पॉलिटिक्स पर कसा तंज
शिंदे गुट और बीजेपी के बीच मेयर पद पर खींचतान
चुनाव परिणामों में बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि शिंदे की शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं। बहुमत के लिए 114 का आंकड़ा चाहिए और महायुति के पास कुल 118 सीटें हैं. सस्पेंस इस बात को लेकर है कि मेयर किस पार्टी का होगा.
- शिंदे गुट की मांग: सूत्रों के अनुसार, शिंदे गुट ढाई साल के लिए मेयर पद की मांग कर रहा है.
- बीजेपी का रुख: बीजेपी पहली बार मुंबई में अपना मेयर बनाना चाहती है, क्योंकि उसने सबसे ज्यादा सीटें जीती हैं. यह भी पढ़ें: BMC Election 2026: मुंबई के मेयर का चुनाव कैसे होता है? नामांकन से लेकर वोटिंग और कार्यकाल तक, जानें चयन की पूरी प्रक्रिया
शिंदे कैंप का पलटवार
एकनाथ शिंदे के करीबी सहयोगियों ने संजय राउत के बयानों को खारिज कर दिया है। शिंदे गुट के एक नेता ने कहा, 'क्या संजय राउत अब ज्योतिष देखने लगे हैं? वे नियमित रूप से झूठ बोलते हैं.' पार्षदों को होटल में रखने पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल एक 'कार्यशाला' (वर्कशॉप) है ताकि नए पार्षदों को निगम की कार्यप्रणाली समझाई जा सके और उन्हें बाहरी प्रभाव से सुरक्षित रखा जा सके.
उद्धव ठाकरे का 'दिव्य हस्तक्षेप' का दावा
पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी इस सस्पेंस को बढ़ाते हुए कहा कि भले ही अभी उनके पास आंकड़े नहीं हैं, लेकिन अगर भगवान ने चाहा तो मेयर शिवसेना (UBT) का ही होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग दूसरों की पार्टियां तोड़ते हैं, वे आज खुद अपनी पार्टी टूटने के डर से अपने पार्षदों को कैद कर रहे हैं.