Republic Day 2025: गणतंत्र दिवस समारोह, वीर गाथा का हिस्सा बने देशभर के 1.76 करोड़ छात्र
गणतंत्र दिवस समारोह के हिस्से के रूप में रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय ने 'वीर गाथा' की संयुक्त पहल की है. इसके चौथे संस्करण में इस वर्ष, लगभग 2.31 लाख स्कूलों के लगभग 1.76 करोड़ छात्रों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया है.
नई दिल्ली, 10 जनवरी : गणतंत्र दिवस समारोह के हिस्से के रूप में रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय ने 'वीर गाथा' की संयुक्त पहल की है. इसके चौथे संस्करण में इस वर्ष, लगभग 2.31 लाख स्कूलों के लगभग 1.76 करोड़ छात्रों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया है. इसके तहत राष्ट्रीय स्तर पर सौ (100) विजेताओं का चयन किया जाना है. इन्हें विशेष अतिथि के रूप में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में आमंत्रित किया जाएगा.
'प्रोजेक्ट वीर गाथा' को 2021 में भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में 'आजादी का अमृत महोत्सव' के हिस्से के रूप में लॉन्च किया गया था. इस परियोजना का उद्देश्य वीरता पुरस्कार विजेताओं के बहादुरी भरे कार्यों और इन नायकों की जीवन से जुड़ी कहानियों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है. यह पहल छात्रों में देशभक्ति और नागरिक मूल्यों को स्थापित करने में मदद करती है. यह भी पढ़ें : आप सांसद संजय सिंह ने मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं करने के लिए भाजपा की आलोचना की
शीर्ष 100 प्रविष्टियों को 'सुपर-100' विजेताओं के रूप में चुना गया. इन विजेताओं को नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से सम्मानित किया जाएगा. प्रत्येक विजेता को 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार और विशेष अतिथि के रूप में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड देखने का अवसर मिलेगा.
100 राष्ट्रीय स्तर के विजेताओं के अतिरिक्त,` राज्य स्तर पर आठ विजेताओं और जिला स्तर पर चार विजेताओं का चयन किया जाएगा. उन्हें प्राधिकारियों द्वारा सम्मानित किया जाएगा. विजेताओं को चार श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा, जिनमें से प्रत्येक से 25 विजेता होने हैं.
5 सितंबर 2024 को लॉन्च किए गए प्रोजेक्ट 'वीर गाथा 4.0' में निबंध और पैराग्राफ लेखन के लिए कई प्रेरक विषय प्रस्तुत किए गए. छात्रों को अपने चुने हुए रोल मॉडल के बारे में, विशेष रूप से वीरता पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए लिखने का अवसर मिला. उन्हें रानी लक्ष्मीबाई जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के प्रेरक जीवन, 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी विद्रोह की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया.
स्कूल स्तर की गतिविधियां 31 अक्टूबर 2024 को समाप्त हो गईं. राज्य और जिला स्तर पर मूल्यांकन के बाद राष्ट्रीय स्तर के मूल्यांकन के लिए लगभग 4,029 प्रविष्टियां भेजी गईं, जहां वीरगाथा के संस्करण 1 से संस्करण 4 तक प्रोजेक्ट की यात्रा प्रेरणादायक रही है, जिसने पूरे देश में प्रतियोगिता की पहुंच का विस्तार किया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 14, 2025 01:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

