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UK Asylum Guide: ब्रिटेन में शरणार्थियों के लिए गृह मंत्रालय ने जारी की आचरण गाइडलाइन; महिलाओं के अधिकार, यौन सहमति और सार्वजनिक शिष्टाचार पर कड़े निर्देश

ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने देश में आने वाले शरणार्थियों के लिए 9 पृष्ठों की एक आचरण मार्गदर्शिका जारी की है. "यूके में व्यवहार और अपेक्षाओं को समझना" शीर्षक वाली इस गाइड में शरणार्थियों को यूके के कानूनों, लैंगिक समानता, घरेलू हिंसा की रोकथाम, यौन सहमति के नियमों और सार्वजनिक स्थानों पर आचरण के बारे में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. नियमों का उल्लंघन करने पर शरणार्थी का दावा खारिज होने और देश से निष्कासन की चेतावनी दी गई है.

UK Asylum Guide: ब्रिटेन में शरणार्थियों के लिए गृह मंत्रालय ने जारी की आचरण गाइडलाइन; महिलाओं के अधिकार, यौन सहमति और सार्वजनिक शिष्टाचार पर कड़े निर्देश
सांकेतिक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

लंदन: ब्रिटेन सरकार ने देश में शरण चाहने वाले प्रवासियों (Asylum Seekers) के लिए एक नई और विस्तृत आचरण मार्गदर्शिका (Code of Conduct Guide) प्रकाशित की है. गृह मंत्रालय (Home Office) द्वारा जारी इस 9-पेज के आधिकारिक दस्तावेज का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में आने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए ब्रिटिश कानूनों की अनभिज्ञता कोई बहाना न बन सके.

"Understanding behaviours and expectations in the UK: A guide for asylum seekers" नामक इस दस्तावेज में शरणार्थियों को महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करने, किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा या सार्वजनिक स्थानों पर अवांछित हरकतों से दूर रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं. यह भी पढ़ें: Who Is Arjun Aravind? अमेरिका में भारतीय मूल के 17 वर्षीय किशोर पर मां और छोटे भाई की हत्या का आरोप; ChatGPT पर सर्च की थी 'फैमिली मर्डर' की थ्योरी

लैंगिक समानता और महिलाओं की स्वतंत्रता

गाइडलाइन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि ब्रिटेन में कानून के समक्ष स्त्री और पुरुष दोनों को समान अधिकार प्राप्त हैं:

  • पारिवारिक नियंत्रण पर रोक: पति, पिता या भाई होने के नाते भी कोई भी पुरुष किसी महिला को काम करने, पढ़ाई करने, यात्रा करने या अपनी पसंद के कपड़े पहनने से नहीं रोक सकता.
  • स्वतंत्र निर्णय: महिलाओं को अपना जीवनसाथी चुनने या शादी न करने का पूरा अधिकार है और उन्हें किसी भी व्यक्तिगत निर्णय के लिए परिवार के पुरुषों की अनुमति की आवश्यकता नहीं है.

सार्वजनिक स्थानों पर शिष्टाचार और व्यवहार के नियम

सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गाइड में कुछ सख्त निर्देश शामिल किए गए हैं:

  • किसी भी व्यक्ति पर लैंगिक या व्यक्तिगत टिप्पणियां (चाहे वह प्रशंसा के रूप में ही क्यों न हो), सीटी बजाना या 'किसिंग साउंड्स' (Kissing noises) निकालना पूरी तरह प्रतिबंधित है.
  • किसी का पीछा करना, रास्ता रोकना, अभद्र इशारे करना या किसी के धर्म, रंग या पहनावे पर मौखिक टिप्पणी करना अपराध के दायरे में आएगा.
  • बिना किसी की सहमति के उसकी निजी तस्वीरें या वीडियो लेना और उन्हें साझा करना गंभीर कानूनी अपराध है.

यौन संबंध, सहमति (Consent) और घरेलू हिंसा

दस्तावेज में ब्रिटेन के सहमति कानून और घरेलू हिंसा के दायरे को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है:

  • स्पष्ट सहमति अनिवार्य: शादी या रिश्ते में होने के बावजूद हर बार दोनों पक्षों की स्पष्ट व स्वतंत्र सहमति अनिवार्य है. कोई व्यक्ति यदि सो रहा है, नशे में है या प्रतिक्रिया देने में असमर्थ है, तो उसे सहमति नहीं माना जाएगा.
  • सहमति की कानूनी उम्र: यूके में सहमति की न्यूनतम कानूनी उम्र 16 वर्ष है. 16 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति के साथ संबंध बनाना बिना किसी अपवाद के गंभीर अपराध है.
  • घरेलू हिंसा: शारीरिक हिंसा के साथ-साथ किसी को धमकी देना, आर्थिक नियंत्रण रखना, भावनात्मक उत्पीड़न करना या पहचान पत्र/पासपोर्ट छीनना भी घरेलू अपराध माना जाएगा.

नियम तोड़ने पर शरण का दावा होगा रद्द

ब्रिटिश गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन कानूनों का उल्लंघन करने पर आपराधिक मुकदमों के अलावा प्रशासनिक परिणाम भी भुगतने होंगे:

  • शरणार्थी को मिलने वाला सरकारी आवास और वित्तीय सहायता तुरंत बंद की जा सकती है.
  • संबंधित व्यक्ति का शरण (Asylum) का आवेदन खारिज कर उसे ब्रिटेन से वापस उसके देश निर्वासित किया जा सकता है.

राजनीतिक प्रतिक्रिया और आवास का संतुलन

इस गाइडलाइन को लेकर ब्रिटेन के राजनीतिक गलियारों में बहस भी छिड़ गई है:

  • कंजर्वेटिव पार्टी और रिफॉर्म यूके के नेताओं ने केवल दिशानिर्देश जारी करने के बजाय कानून तोड़ने वालों को सीधे निर्वासित करने की मांग की है.
  • वहीं, गृह सचिव शबाना महमूद ने शरणार्थियों के आवास को लेकर कहा कि प्रवासियों को देश के केवल पिछड़े या गरीब इलाकों में रखने के बजाय सभी क्षेत्रों में संतुलित रूप से वितरित (Fair Spread) किया जाना चाहिए ताकि स्थानीय समुदायों पर अत्यधिक दबाव न पड़े.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 21, 2026 09:15 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).