RBI Monetary Policy: बजट के बाद आज आरबीआई ने क्रेडिट पॉलिसी की समीक्षा पेश की, जीडीपी 10.5 फीसदी रहने का अनुमान
बजट के बाद आज आरबीआई ने क्रेडिट पॉलिसी की समीक्षा की घोषणा कर दी है. आरबीआई के गवर्नर शशिकांत दास पर सबकी निगाहें पहले से ही टिकी थी.आरबीआई ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. जिससे आम जनता को फिर निराश होना पड़ा है. आरबी के इस फैसले के बाद साफ हो गया है कि ब्याज दरें अब किस हिसाब से आगे चलने वाली है.
नई दिल्ली, 5 फरवरी 2021. बजट के बाद आज आरबीआई (RBI) ने क्रेडिट पॉलिसी की समीक्षा की घोषणा कर दी है. आरबीआई के गवर्नर शशिकांत दास पर सबकी निगाहें पहले से ही टिकी थी.आरबीआई ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. जिससे साफ हो गया है कि रेपो रेट अभी भी 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 3.35 प्रतिशत ही रहेगी. RBI के इस फैसले से आम जनता को फिर निराश होना पड़ा है. आरबी के इस फैसले के बाद साफ हो गया है कि ब्याज दरें अब किस हिसाब से आगे चलने वाली है.
वहीं भारतीय रिजर्व बैंक का मकसद पहले ही था कि राजकोषीय घाटे में कमी लायी जाए. इसका अंदाजा दिग्गजों ने पहले ही लगाया था. आरबीआई द्वारा आज किये गए फैसले में इसकी झलक साफ दिख रही है. इससे पहले आरबीआई ने पिछले वर्ष रेपो रेट में 1.15 फीसदी की कटौती की घोषणा की जा चुकी है. जबकि इससे पहले 22 मई 2020 को भी रिजर्व बैंक ने नीतिगत रेट में संशोधन करने का काम किया था. यह भी पढ़ें-मोदी सरकार Bitcoin जैसी क्रिप्टोकरेंसी पर लगाएगी रोक, देश में RBI की डिजिटल करेंसी के आने की उम्मीद
ANI का ट्वीट-
MPC (Monetary Policy Committee) voted unanimously to leave policy repo rates unchanged at 4%: RBI Governor Shaktikanta Das pic.twitter.com/PUDdF25OOe
— ANI (@ANI) February 5, 2021
दूसरी तरफ आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने उम्मीद जतायी है कि देश की अर्थव्यवस्था डबल डिजिट के हिसाब से आगे भागेगी. जिसके चलते जीडीपी 10.5 प्रतिशत की बढ़त का अनुमान है. वहीं केंद्र का बजट देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को पेश किया था. जिसमें अगले वित्त साल में रोजकोषीय घाटे का टारगेट साढ़े 6 फीसदी से अधिक रखा हुआ है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 05, 2021 10:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

