रणथंभौर की बाघिन Arrowhead का आखिरी Video, जंगल की रानी ने कहा दुनिया को अलविदा

रणथंभौर ने अपनी सबसे प्रतिष्ठित और चर्चित बाघिन एरोहेड (T-84) को हमेशा के लिए खो दिया. 14 साल की उम्र में 18 जून 2025 को एरोहेड (Arrowhead) ने अपनी आखिरी सांस ली. खास बात यह रही कि उसकी बेटी को दूसरे टाइगर रिजर्व में भेजने के कुछ ही घंटों बाद उसकी मृत्यु हुई.

Arrowhead Last Video | Instagram

रणथंभौर ने अपनी सबसे प्रतिष्ठित और चर्चित बाघिन एरोहेड (T-84) को हमेशा के लिए खो दिया. 14 साल की उम्र में 18 जून 2025 को एरोहेड (Arrowhead) ने अपनी आखिरी सांस ली. खास बात यह रही कि उसकी बेटी को दूसरे टाइगर रिजर्व में भेजने के कुछ ही घंटों बाद उसकी मृत्यु हुई. यह सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि रणथंभौर की शक्तिशाली शेरनी वंश के एक अध्याय का अंत है.

प्रसिद्ध वन्यजीव फोटोग्राफर सचिन राय, जिन्होंने बचपन से एरोहेड की यात्रा को अपने कैमरे में कैद किया था, उन्होंने इंस्टाग्राम और एक्स पर उसका लास्ट वीडियो साझा किया. उन्होंने लिखा, "17 जून की शाम को मैंने पद्म तालाब के किनारे उस रानी को चलते हुए देखा, जिसकी चाल में कभी रणथंभौर की शान बसती थी. अब वह मुश्किल से दस कदम भी नहीं चल पा रही थी. अंत निकट था." उसकी आंखों में थकावट, शरीर में कमजोरी और चलने की छटपटाहट यह सब बता रहे थे कि जंगल की यह रानी अब इस धरती को अलविदा कहने वाली है.

मशहूर वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर ने शेयर किया लास्ट वीडियो

एरोहेड: जंगल की विरासत, शान और प्रेरणा

एरोहेड सिर्फ एक बाघिन नहीं थी, वह एक पीढ़ी की पहचान थी. वह मशहूर मछली (T-16) की नातिन और कृष्णा (T-19) की बेटी थी. उसने बचपन से अपने इलाके के लिए संघर्ष किया, अपनी मां का क्षेत्र संभाला और लंबे समय तक रणथंभौर की 'जंगल की रानी' कहलाती रही.

कैंसर से जूझती रही थी एरोहेड

वन विभाग के अनुसार, पिछले कुछ सप्ताह से एरोहेड हड्डियों के कैंसर से पीड़ित थी और मेडिकल निगरानी में थी. हालांकि वह जंगल में स्वतंत्र रहना चाहती थी, इसलिए अधिकारियों ने उसे स्वाभाविक रूप से जीने दिया.

एरोहेड की मौत ने न सिर्फ रणथंभौर, बल्कि पूरे भारत के वन्यजीव प्रेमियों को भावुक कर दिया. सचिन राय की पोस्ट पर हजारों की संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की और उसकी आखिरी तस्वीरों को देखकर भावुक हो उठे.

Share Now

\