Ram Kadam on Rahul Gandhi: राहुल गांधी के पास ठोस सबूत हैं तो सार्वजनिक करना चाहिए, एटम बम घर में रखने के लिए नहीं होता; राम कदम

महाराष्ट्र भाजपा के वरिष्ठ नेता राम कदम ने राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि अगर उनके पास ठोस सबूत हैं तो सार्वजनिक करना चाहिए. आईएएनएस से बातचीत के दौरान भाजपा नेता ने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर राहुल गांधी लंबे समय से आरोप लगा रहे हैं.

मुंबई, 2 अगस्त : महाराष्ट्र भाजपा के वरिष्ठ नेता राम कदम ने राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि अगर उनके पास ठोस सबूत हैं तो सार्वजनिक करना चाहिए. आईएएनएस से बातचीत के दौरान भाजपा नेता ने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर राहुल गांधी लंबे समय से आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि अगर राहुल गांधी के पास वाकई कोई ‘एटम बम’ जैसा ठोस सबूत है, तो वे उसे छिपाकर क्यों रख रहे हैं. एटम बम घर में रखने के लिए नहीं होता है.

कदम ने सुझाव दिया कि अगर राहुल गांधी को चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है, तो उन्हें अपने सबूत न्यायपालिका के सामने पेश करने चाहिए. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने पहले महाराष्ट्र सहित अन्य चुनावों में राहुल के आरोपों का प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए विस्तृत जवाब दिया है. फिर भी राहुल गांधी आरोप लगा रहे हैं. अगर राहुल गांधी अभी भी विस्फोटक सबूत होने का दावा कर रहे हैं, तो उन्हें इसे सार्वजनिक करना चाहिए. यह भी पढ़ें : IIT बॉम्बे में 26 साल के छात्र ने हॉस्टल की छत से कूदकर दी जान, रोहित सिन्हा ने क्यों उठाया यह कदम?

उन्होंने दावा किया कि बिहार चुनाव में संभावित हार का बहाना बनाने के लिए राहुल गांधी इसे छिपाए रखना चाहते हैं. मालेगांव विस्फोट मामले में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर उन्होंने कहा कि सच्चाई छिपाई नहीं जा सकती है. कांग्रेस ने सनातन हिंदू धर्म और भगवा को आतंकवाद से जोड़कर बदनाम करने की साजिश रची. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने एटीएस अधिकारियों और गवाहों पर दबाव डालकर असली दोषियों को छोड़ने और निर्दोष लोगों को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की. एटीएस के पूर्व अधिकारी ने खुलासा किया था कि उन पर मोहन भागवत को बदनाम करने का दबाव था. कांग्रेस ने यह घिनौना अपराध किया है, जिसके लिए राहुल गांधी और कांग्रेस को माफी नहीं मिलेगी.

मालेगांव मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फंसाने की कोशिशों के आरोपों पर उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म और उसके संगठनों के लिए काम करने वाले, सनातन मूल्यों के प्रति समाज को जागृत करने वाले, चाहे वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हों, आरएसएस के सरसंघचालक हों या अन्य हिंदू नेता, सभी को जानबूझकर निशाना बनाया गया. यह कांग्रेस द्वारा उन्हें झूठे मामले में फंसाने की साजिश थी. कांग्रेस ऐसा इसीलिए कर रही थी क्योंकि उसे एक समुदाय को खुश करना था.

पुणे पत्थरबाजी घटना पर उन्होंने कहा कि दो गुटों में झड़प हुई, पुलिस ने कुछ ही देर में इस पर काबू पा लिया. किसी को कानून को हाथ में लेने का अधिकार नहीं है. महाराष्ट्र में विपक्ष मानसिक संतुलन खो चुका है. जिस प्रकार से बयानबाजी की जा रही है, वह ठीक नहीं है. यहां पर कानून का राज है. महाराष्ट्र सरकार में विभागों के बंटवारे पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों के सम्मान के लिए विभाग बदला है.

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