रक्षाबंधन (Raksha Bandhan 2025) का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्यार का प्रतीक है. इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनका मुंह मीठा कराती हैं. लेकिन त्योहारों की इस मिठास में मिलावट का 'जहर' भी घुल सकता है. त्योहारों के समय मिठाइयों की मांग अचानक बहुत बढ़ जाती है और इसी का फायदा उठाकर कुछ बेईमान दुकानदार ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में मिलावटी मिठाइयां (Adulterated Sweets) बेचने लगते हैं.
ये मिलावटी मिठाइयां न सिर्फ आपके त्योहार का मजा किरकिरा कर सकती हैं, बल्कि आपकी सेहत के लिए भी बहुत खतरनाक साबित हो सकती हैं. इसलिए, इस रक्षाबंधन पर मिठाई खरीदने से पहले थोड़ी सावधानी बरतना बहुत जरूरी है. आइए जानते हैं कि आप मिलावटी मिठाई की पहचान कैसे कर सकते हैं.
कैसे पहचानें मिलावटी मिठाई?
आप कुछ आसान तरीकों से घर पर ही मिठाई की शुद्धता की जांच कर सकते हैं:
1. मावा (खोया) की जांच: ज्यादातर मिठाइयां मावे से बनती हैं और सबसे ज्यादा मिलावट भी इसी में होती है.
- चखकर देखें: असली मावा मुंह में चिपकता नहीं है और उसका स्वाद हल्का मीठा होता है. मिलावटी मावा खाने पर कच्चा सा स्वाद दे सकता है.
- रगड़कर देखें: थोड़ा सा मावा अपनी हथेली पर या अंगूठे पर रगड़ें. अगर यह घी की तरह चिकनाहट छोड़ता है और खुशबू आती है, तो यह असली है. मिलावटी मावे में यह चिकनाहट नहीं होगी.
- आयोडीन टेस्ट: एक चम्मच मावे को थोड़े पानी में उबालें. ठंडा होने पर इसमें 2-3 बूंदें आयोडीन सॉल्यूशन की डालें. अगर मावे का रंग नीला हो जाता है, तो इसका मतलब है कि इसमें स्टार्च (आलू या शकरकंद) मिलाया गया है.
2. चांदी के वर्क (Silver Vark) की पहचान: मिठाइयों पर लगा चमकीला वर्क चांदी का है या एल्युमिनियम का, यह जानना बहुत जरूरी है.
- जलाकर देखें: मिठाई से वर्क का एक छोटा सा हिस्सा निकालकर उसे जलाएं. अगर यह जलकर चांदी की छोटी गोली बन जाए, तो यह असली है. अगर यह जलकर काली राख बन जाए, तो यह एल्युमिनियम का है, जो सेहत के लिए बेहद हानिकारक है.
- रगड़कर देखें: मिठाई पर लगे वर्क को अपनी उंगली से हल्का सा रगड़ें. अगर वर्क आपकी उंगली पर चिपक जाता है या टूटकर बिखर जाता है, तो यह मिलावटी है.
3. रंग-बिरंगी मिठाइयों से रहें सावधान: बच्चों को अक्सर रंगीन मिठाइयां पसंद आती हैं, लेकिन इनमें खतरनाक सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल हो सकता है.
- पानी में घोलें: मिठाई का एक छोटा टुकड़ा लेकर उसे हल्के गर्म पानी में डाल दें. अगर मिठाई तुरंत अपना रंग छोड़ने लगे, तो समझ जाएं कि इसमें घटिया क्वालिटी के या नॉन-एडिपल रंगों का इस्तेमाल हुआ है.
4. घी और पनीर की जांच:
- पनीर: पनीर को पानी में उबालकर ठंडा कर लें. इसे मसलने के बाद इसमें आयोडीन की कुछ बूंदें डालें. अगर यह नीला हो जाता है तो इसमें स्टार्च मिला है.
- देसी घी: एक चम्मच घी में थोड़ी चीनी और हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) मिलाएं. अगर घी का रंग लाल या गुलाबी हो जाए, तो इसमें वनस्पति घी की मिलावट है.
मिठाई खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
- हमेशा किसी भरोसेमंद और साफ-सुथरी दुकान से ही मिठाई खरीदें.
- ऐसी दुकान से मिठाई न खरीदें जहां मक्खियां भिनभिना रही हों या साफ-सफाई न हो.
- बहुत ज्यादा चटकीले और गहरे रंगों वाली मिठाइयों को खरीदने से बचें.
- अगर पैकेट वाली मिठाई खरीद रहे हैं, तो उसकी पैकिंग और 'Best Before' या 'Expiry Date' जरूर जांच लें.
- अगर संभव हो तो घर पर ही बेसन के लड्डू, नारियल की बर्फी या सूजी का हलवा जैसी आसान और सुरक्षित मिठाइयां बनाएं.
इस रक्षाबंधन पर थोड़ी सी जागरूकता दिखाकर आप न सिर्फ अपने पैसे बचाएंगे, बल्कि अपने भाई और पूरे परिवार की सेहत की भी रक्षा करेंगे. आपकी समझदारी ही आपके त्योहार की असली मिठास है.
आप सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं.













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