Rajasthan Banswara Gold Reserve: राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कांकरिया गांव में 222 टन सोने का विशाल भंडार मिला, देश की 25% मांग पूरी होने की उम्मीद
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कांकरिया गांव में तीसरी सोने की खान मिली है. यहां 222 टन से ज़्यादा सोने का विशाल भंडार होने का अनुमान है. इन खदानों के शुरू होने से राजस्थान 'गोल्ड हब' बनेगा और हज़ारों नए रोज़गार पैदा होंगे.
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से एक बहुत बड़ी और शानदार खबर आ रही है. ऐसा लगता है कि इस आदिवासी बहुल इलाके के नीचे सोने का एक बहुत बड़ा खजाना दबा हुआ है. पहले से ही दो सोने की खानों के लिए मशहूर बांसवाड़ा में अब एक तीसरी सोने की खान मिलने की भी पक्की खबर आ गई है.
कहां मिला है ये नया खजाना
यह नई खान बांसवाड़ा के घाटोल इलाके में कांकरिया नाम के गांव में मिली है. वैज्ञानिकों (भूवैज्ञानिकों) को यहां लगभग 3 किलोमीटर के बड़े इलाके में सोना होने के पक्के सबूत मिले हैं. जैसे ही सरकार से लाइसेंस मिलेगा, यहां खुदाई का काम शुरू कर दिया जाएगा.
आपको बता दें कि बांसवाड़ा में इससे पहले घाटोल के ही जगपुरिया और भूकिया में भी सोने की खानें मिल चुकी हैं.
कितना सोना मिलने का है अनुमान.
वैज्ञानिकों का अंदाज़ा है कि इस पूरे इलाके में 11 करोड़ 35 लाख टन से ज़्यादा अयस्क (सोने वाली मिट्टी) है. जब इस मिट्टी को साफ किया जाएगा, तो इसमें से लगभग 222.39 टन शुद्ध सोना निकलने का अनुमान है. यह बहुत बड़ी मात्रा है.
आगे क्या होगा.
सरकार अब इन खानों की नीलामी करेगी. मतलब, जो कंपनी सरकार को सबसे ज़्यादा पैसा (राजस्व) देने का वादा करेगी, उसे ही यहां खुदाई करने का लाइसेंस मिलेगा. पिछली बार भी एक कंपनी को लाइसेंस मिला था, लेकिन उसने पैसे जमा नहीं कराए, इसलिए टेंडर कैंसल हो गया था. अब सरकार ने फिर से टेंडर निकाले हैं, जो 3 नवंबर को खुलेंगे.
भारत के लिए क्यों है यह बड़ी बात.
इन खानों के शुरू होने के बाद, बांसवाड़ा देश के उन गिने-चुने राज्यों में शामिल हो जाएगा, जहां सोना निकलता है. अनुमान है कि भविष्य में बांसवाड़ा अकेले ही भारत की सोने की कुल ज़रूरत का 25% (एक चौथाई) हिस्सा पूरा कर सकता है.
स्थानीय लोगों को क्या फायदा होगा.
यह खबर बांसवाड़ा के लोगों के लिए किसी लॉटरी से कम नहीं है. सोना निकलने के साथ-साथ यहां कई और खजिन भी मिलेंगे. इससे इलेक्ट्रॉनिक, बैटरी, एयर बैग और पेट्रोकेमिकल जैसे कई नए उद्योग इस इलाके में आएंगे. जब नई फैक्ट्रियां लगेंगी, तो हज़ारों लोगों को सीधे और घुमा-फिराकर (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष) रोज़गार मिलेगा. इससे इलाके के युवाओं को बहुत बड़ा फायदा होगा और पूरे क्षेत्र का विकास होगा.