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राजस्थान: हेल्थ वर्कर्स की मदद के लिए जयपुर की कंपनी ने बनाया रोबोट, थर्मल स्क्रीनिंग के साथ इन कामों में होगा मददगार

राजस्थान के जयपुर स्थित क्लब फर्स्ट नाम की कंपनी ने कोरोना महामारी के बीच स्वास्थ्य कर्मियों की मदद के लिए रोबोट बनाए हैं. कंपनी के एमडी भुवनेश मिश्रा का कहना है कि रोबोट थर्मल स्क्रीनिंग कर सकता है और यह पहचान भी सकता है कि कोई व्यक्ति मास्क पहन रहा है या नहीं. इसके अलावा यह कई तरह से स्वास्थ्य कर्मियों की मदद करने में सक्षम है.

राजस्थान: हेल्थ वर्कर्स की मदद के लिए जयपुर की कंपनी ने बनाया रोबोट, थर्मल स्क्रीनिंग के साथ इन कामों में होगा मददगार
स्वास्थ्यकर्मियों की मदद के लिए राजस्थान की कंपनी ने विकसित किया रोबोट (Photo Credits: ANI)

जयपुर: भारत समेत दुनिया के तमाम देश नोवेल कोरोना वायरस महामारी (Novel Coronavirus Pandemic) से लड़ाई लड़ रहे हैं, बावजूद इसके कोविड-19 (COVID-19) संक्रमण के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है. संकट की इस घड़ी में डॉक्टर, नर्स समेत सभी स्वास्थ्य कर्मी (Health Workers) लगातार मरीजों के इलाज में जुटे हुए हैं, ताकि कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) को हर हाल में हराया जा सके. इस बीच कई स्वास्थ्य कर्मियों के कोरोना से संक्रमित होने की खबरें भी सामने आई हैं. दरअसल, ये सभी स्वास्थ्य कर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरे मरीजों का इलाज कर रहे हैं, ताकि वो स्वस्थ होकर अपने घरों को जा सकें. ऐसे में इन स्वास्थ्य कर्मियों की मदद के लिए राजस्थान की एक कंपनी ने रोबोट (Robot) विकसित किया है.

राजस्थान (Rajasthan) के जयपुर (Jaipur) स्थित क्लब फर्स्ट (Club First) नाम की कंपनी ने कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) के बीच स्वास्थ्य कर्मियों (Health Workers) की मदद के लिए रोबोट (Robots) बनाए हैं. कंपनी के एमडी भुवनेश मिश्रा का कहना है कि रोबोट थर्मल स्क्रीनिंग कर सकता है और यह पहचान भी सकता है कि कोई व्यक्ति मास्क पहन रहा है या नहीं. इसके अलावा यह कई तरह से स्वास्थ्य कर्मियों की मदद करने में सक्षम है. यह भी पढ़ें: कोरोना पीड़ितों के इलाज में डॉक्टर्स की मदद करेंगे ये ह्यूमनॉयड रोबोट, तमिलनाडु की सॉफ्टवेयर कंपनी ने किए दान

हेल्थ वर्कर्स की मदद के लिए रोबोट विकसित

उनका कहना है कि हमारा यह उत्पाद 95 फीसदी तक भारत में निर्मित है. यह दुनिया का पहला रोबोट है जो स्पाइन टेक्नोलॉजी पर आधारित है. ये रोबोट किसी भी लाइन या मैग्नेटिक पाथ का अनुसरण नहीं करता है. यह खुद नेविगेट करता है. यह भी पढ़ें: COVID-19: छत्तीसगढ़ के एक छात्र ने बनाया इंटरनेट से नियंत्रित होने वाला रोबोट, कोरोना मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर कर सकते हैं इसका इस्तेमाल

इससे पहले भी मध्य प्रदेश में एक छात्र ने स्वास्थ्य कर्मियों की मदद के लिए रोबोट विकसित किया था, इसके अलावा तमिलनाडु (Tamil Nadu) की एक प्राइवेट सॉफ्टवेयर कंपनी ने सरकारी अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों तक दवाइयां आदि पहुंचाने के लिए ह्यूमनॉयड रोबोट (Humanoid Robot) दान किया था और अब राजस्थान की एक कंपनी ने रोबोट विकसित किया है, जो इस संकट की घड़ी में हेल्थ वर्कर्स के लिए बेहद मददगार साबित हो सकते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on May 16, 2020 08:42 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).