Raipur: कलयुगी पिता ने 16 वर्षीय बेटी से किया दुष्कर्म, फर्जी पहचान पत्र से डिलीवरी करा बेचा नवजात; नर्स समेत 8 गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक वीभत्स घटना सामने आई है, जहां 38 वर्षीय पिता ने अपनी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ लगातार दुष्कर्म किया. पीड़िता के दो बार गर्भवती होने के बाद पहली बार जबरन गर्भपात कराया गया, जबकि दूसरी बार फर्जी पहचान पत्र के जरिए बालिग व विवाहित बताकर निजी अस्पताल में प्रसव कराया गया और बाद में नवजात को बेच दिया गया.
रायपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर (Raipur) के न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी के साथ उसके सगे पिता द्वारा लगातार दुष्कर्म करने, जबरन गर्भपात कराने और डिलीवरी के बाद नवजात शिशु को बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पीड़िता द्वारा सोशल मीडिया के जरिए अपनी अलग रह रही मां से संपर्क कर आपबीती बताए जाने के बाद इस पूरे आपराधिक सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ.
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता के 38 वर्षीय पिता, बुआ, दो नर्सों, निजी अस्पताल के सुपरवाइजर और बच्चा खरीदने वाले व्यक्ति समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. यह भी पढ़ें: Mumbai Shocker: मुंबई में युवक की शर्मनाक करतूत, 19 वर्षीय युवती को व्हाट्सऐप पर अश्लील वीडियो भेजकर यौन उत्पीड़न का आरोप, पुलिस ने किया गिरफ्तार; VIDEO
2023 से शुरू हुआ था उत्पीड़न, पहली बार कराया जबरन गर्भपात
पुलिस के अनुसार, यह उत्पीड़न वर्ष 2023 में तब शुरू हुआ जब पीड़िता की मां अपने पति से अलग हो गई और अपनी तीन बेटियों को पिता की देखरेख में छोड़ दिया.
- जान से मारने की धमकी: तीन बहनों में सबसे बड़ी 16 वर्षीय किशोरी के साथ आरोपी पिता ने न्यू राजेंद्र नगर क्षेत्र में एक रिश्तेदार के घर पर दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी.
- पहला गर्भपात: जब किशोरी गर्भवती हुई, तो उसने अपनी बुआ को जानकारी दी. बुआ ने मदद करने के बजाय पिता को बताया, जिसके बाद पिता ने बुआ की सहायता से गर्भपात की दवाइयां लाकर किशोरी को जबरन खिला दीं, जिससे उसका गर्भपात हो गया.
फर्जी पहचान पत्र से अस्पताल में भर्ती, डिलीवरी के बाद नवजात को बेचा
गंभीर अपराध यहीं नहीं रुका. आरोपी पिता ने शोषण जारी रखा, जिससे किशोरी 2025 में दोबारा गर्भवती हो गई. इसके बाद मामले को छिपाने के लिए एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा गया:
- नर्सों के पास रखा: पिता पीड़िता को वर्षा मंडल नामक नर्स के पास ले गया, जिसने उसे अपनी परिचित नर्स गीता राय (योगिता) के घर भेज दिया, जहां किशोरी करीब दो महीने तक रही.
- फर्जी दस्तावेज: आरोपियों ने किशोरी की वास्तविक उम्र छिपाने और उसे बालिग व विवाहित दर्शाने के लिए फर्जी पहचान पत्र तैयार करवाए.
- निजी अस्पताल में प्रसव: डंगनिया स्थित एक निजी अस्पताल में फर्जी दस्तावेजों के सहारे किशोरी को भर्ती कराया गया, जहां उसने सिजेरियन सर्जरी के जरिए एक बेटे को जन्म दिया.
- बच्चे का सौदा: प्रसव के तुरंत बाद डॉक्टर, पिता और अन्य आरोपियों की मिलीभगत से नवजात शिशु को एक अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया और किशोरी को डरा-धमकाकर कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए गए.
सोशल मीडिया पर मां से संपर्क के बाद खुला राज
प्रसव के बाद पिता किशोरी को वापस घर ले आया. किसी तरह पीड़िता ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी मां से संपर्क साधा और अपने साथ हुई पूरी दरिंदगी बताई. इसके बाद मां किशोरी को लेकर सोमवार को न्यू राजेंद्र नगर थाने पहुंची और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई.
पिता, बुआ और स्वास्थ्यकर्मियों समेत 8 गिरफ्तार
पुलिस ने छापेमारी करते हुए मामले से जुड़े 8 मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया है:
- आरोपी पिता और पीड़िता की बुआ.
- रोहित कुमार राय (35) और उसकी पत्नी योगिता राय उर्फ गीता (32, नर्स).
- साहब मंडल (42, निजी अस्पताल का सुपरवाइजर) और उसकी पत्नी वर्षा मंडल (34).
- नवजात बच्चे को खरीदने वाला व्यक्ति और एक अन्य सहयोगी महिला.
BNS, POCSO और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत केस दर्ज
रायपुर पुलिस ने न्यू राजेंद्र नगर थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की दुष्कर्म, जालसाजी (Forgery), आपराधिक धमकी, चोट पहुंचाने और गर्भपात से जुड़ी विभिन्न धाराओं के साथ-साथ कड़े पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act) के तहत एफआईआर दर्ज की है. पुलिस अस्पताल के रिकॉर्ड्स और बच्चे की तस्करी में शामिल अन्य संभावित कड़ियों की गहन फॉरेंसिक व तकनीकी जांच कर रही है.