जम्मू: जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में बीते कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश (Heavy Rain) ने भारी तबाही मचाई है. जगह-जगह अचानक आई बाढ़ (Flash Floods), भूस्खलन (Landslides) और पहाड़ों से पत्थर गिरने (Shooting Stones) की घटनाओं के कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया है और कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की आवाजाही को एहतियातन रोक दिया है. यह भी पढ़ें: UP Weather Update: यूपी में बदलेगा मौसम का मिजाज, आज लखीमपुर खीरी समेत 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; जानें कब रफ्तार पकड़ेगा मॉनसून
सलाल और बगलिहार बांध के खुले गेट; चेनाब नदी उफान पर
पहाड़ी जलग्रहण क्षेत्रों (Catchment Areas) में मूसलाधार बारिश से नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. रियासी जिले में स्थित सलाल जलविद्युत परियोजना (Salal Dam) और रामबन स्थित बगलिहार परियोजना के जलाशयों को नियंत्रित करने के लिए सभी स्पिलवे गेट (Spillway Gates) खोल दिए गए हैं.
बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में चेनाब (चिनाब) नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है. पुलिस और प्रशासनिक टीमें लाउडस्पीकर के जरिए तटीय गांवों में घूमकर लोगों को नदी के किनारों से दूर रहने और अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की चेतावनी दे रही हैं.
डोडा और किश्तवाड़ में तबाही; NH-244 ब्लॉक
चेनाब घाटी के डोडा जिले में भारी बारिश के बाद भालेसा के कलालगिसर और प्रेमनगर इलाके में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. पहाड़ी से बहकर आए मलबे, मिट्टी और बड़े-बड़े पत्थरों ने जम्मू-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-244) को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है.
इसके अलावा किश्तवाड़ स्थित 540 मेगावॉट की क्वार जलविद्युत परियोजना (Kwar HEP) के टनल क्षेत्र में भी मलबे का भारी बहाव देखा गया, जिससे कई वाहन दब गए और निर्माण कार्य प्रभावित हुआ. अंदरूनी इलाकों की सड़कें बंद होने से कई गांवों का संपर्क कट गया है.
भारी बारिश के बाद सलाल बांध के गेट खोल दिए गए हैं
VIDEO | Jammu and Kashmir: All gates of the Salal Dam have been opened following heavy rainfall in Reasi and nearby areas.
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/wlxLzFRHQg
— Press Trust of India (@PTI_News) July 22, 2026
डोडा के भलेसा में भारी बारिश ने मचाई तबाही
#WATCH | J&K | Heavy rainfall lashes Bhalesa in Doda district, with swollen rivers, streams, and nallahs causing damage to houses, crops, and agricultural land. As flash floods, cloudbursts, and landslides continue, the Doda and Kishtwar administrations have urged people to avoid… pic.twitter.com/hzeJGmYLej
— ANI (@ANI) July 22, 2026
बारिश के बाद रामबन की पहाड़ियों पर घनी धुंध छा गई
#WATCH | J&K: Thick fog enveloped the mountains of Ramban this morning following heavy rainfall across the region, creating a picturesque landscape and bringing a noticeable drop in temperature.
The continuous rain has transformed the surrounding hills into mist-covered vistas,… pic.twitter.com/uINov5mqce
— ANI (@ANI) July 22, 2026
रामबन और उधमपुर में भूस्खलन से NH-44 पर पहिया थमा
सामरिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर रामबन और उधमपुर सेक्टरों में लगातार हो रहे भूस्खलन और पहाड़ों से गिरते पत्थरों के कारण यातायात पूरी तरह रोक दिया गया है.
सुरक्षा के दृष्टिकोण से यात्रियों को उधमपुर और काजीगुंड के पास ही रोक दिया गया है. एनएचएआई (NHAI) और स्थानीय प्रशासन की भारी मशीनरी सड़कों से मलबा साफ करने के काम में जुटी हुई है.
प्रशासन की एडवाइजरी और कंट्रोल रूम सक्रिय
डोडा, किश्तवाड़, रियासी, राजौरी और पूंछ जिला प्रशासनों ने आम नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है. निचले और नदी-नालों के पास रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित होने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रशासन ने 24 घंटे काम करने वाले आपातकालीन नियंत्रण कक्ष (Emergency Control Rooms) स्थापित किए हैं. अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अनधिकृत खबर या अफवाहों पर ध्यान न दें और यात्रा शुरू करने से पहले केवल आधिकारिक मौसम पूर्वानुमान व पुलिस अपडेट पर ही भरोसा करें.













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