UP Weather Update: यूपी में बदलेगा मौसम का मिजाज, आज लखीमपुर खीरी समेत 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; जानें कब रफ्तार पकड़ेगा मॉनसून
विवरण उत्तर प्रदेश के 10 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भारतीय मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। जानें कब से राज्य में मॉनसून एक बार फिर जोर पकड़ेगा और किन क्षेत्रों में रहेगा इसका अधिक प्रभाव।
UP Weather Update: उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मॉनसून की गतिविधियां एक बार फिर जोर पकड़ने जा रही हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार, 22 जुलाई 2026 को राज्य के 10 प्रमुख जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में बादलों की गरज और बिजली की चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को भीषण उमस से राहत मिलने की उम्मीद है.
मौसम विभाग ने भारी बारिश की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने तथा आवश्यक एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी है. यह भी पढ़े: हरिद्वार 22 जुलाई मौसम: बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी का अनुमान, अधिकतम तापमान 32°C
इन 10 जिलों में जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग द्वारा जारी ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, तराई और पूर्वी उत्तर प्रदेश के 10 जिलों में तेज बारिश का असर सबसे अधिक देखने को मिलेगा.
जिन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, उनमें शामिल हैं:
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लखीमपुर खीरी
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बहराइच
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श्रावस्ती
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बलरामपुर
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सिद्धार्थनगर
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महाराजगंज
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कुशीनगर
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देवरिया
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गोरखपुर
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बस्ती
इन क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बौछारें पड़ रही थीं, लेकिन अब मानसूनी प्रणालियों के मजबूत होने से बारिश की तीव्रता में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है.
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से मॉनसून होगा सक्रिय
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) बन रहा है, जिसके प्रभाव से राज्य में मानसूनी हवाएं एक बार फिर सक्रिय हो रही हैं.
अगले 24 से 48 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्यवर्ती हिस्सों में बारिश का दायरा और बढ़ेगा. इसके बाद जुलाई के अंतिम दिनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी अच्छी वर्षा दर्ज की जा सकती है.
कृषि और भूजल स्तर को मिलेगा फायदा
इस साल मॉनसून की शुरुआत के बाद बीच में बारिश की रफ्तार कुछ समय के लिए धीमी पड़ गई थी, जिससे खरीफ फसलों, विशेषकर धान की रोपाई को लेकर किसान चिंतित थे.
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह और अगस्त की शुरुआत में होने वाली यह बारिश कृषि क्षेत्र के लिए संजीवनी साबित होगी. इससे खेतों में पानी की कमी दूर होगी और गिरते भूजल स्तर में भी सुधार आएगा.
प्रशासन की एहतियाती सलाह
भारी बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) की संभावना को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है.
मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है. साथ ही, किसानों और आम नागरिकों को खराब मौसम के दौरान खुले खेतों, पेड़ों के नीचे या जलभराव वाले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 22, 2026 10:56 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

