भारत में कब चलेगी पहली बुलेट ट्रेन? रेल मंत्री ने बता दी तारीख, पूरे प्रोजेक्ट की दी अपडेट
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India’s First Bullet Train: भारत में बुलेट ट्रेन का सपना अब हकीकत बनने के करीब है. जल्द ही इस ट्रेन के चलने से भारत हाई-स्पीड रेल क्लब में शामिल हो जाएगा. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने गुरुवार को घोषणा की कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन अगस्त 2027 तक पटरी पर दौड़ती नजर आएगी. उन्होंने कहा कि गुजरात में काम बहुत तेजी से और योजनाबद्ध तरीके से चल रहा है. बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक है और इसे लेकर लोगों में काफी उत्साह है.

रेल मंत्री ने बताया कि गुजरात में बुलेट ट्रेन परियोजना का काम काफी आगे बढ़ चुका है. वायर डक्ट और गर्डर का काम पूरा हो गया है. ट्रैक बिछाने और इलेक्ट्रिक वायरिंग का काम जारी है.

जापान के मंत्री Hiromasa Nakano ने हाल ही में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट साइट का दौरा कर प्रगति की समीक्षा भी की थी. उन्होंने कहा, “हमने अगस्त 2027 तक भारत की पहली बुलेट ट्रेन चलाने का लक्ष्य तय किया है.” यह बयान उन्होंने Vibrant Gujarat Regional Conference में दिया, जो गनपत यूनिवर्सिटी में आयोजित की गई थी.

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (Mumbai–Ahmedabad High-Speed Rail Corridor) देश का पहला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट है. यह 508 किलोमीटर लंबा होगा और कुल 12 स्टेशनों को जोड़ेगा.

  • मुंबई (बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स)
  • ठाणे
  • विरार
  • बोईसर
  • वापी
  • बिलीमोरा
  • सूरत
  • भरूच
  • वडोदरा
  • आनंद/नडियाद
  • अहमदाबाद
  • साबरमती

इस परियोजना की आधारशिला सितंबर 2017 में पीएम नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi) ने अहमदाबाद में रखी थी.

अब तक का निर्माण कार्य

National High Speed Rail Corporation Limited (NHSRCL) के मुताबिक प्रोजेक्ट में अब तक 323 किमी वायाडक्ट और 399 किमी पियर वर्क पूरा हुआ है. 17 नदी पुल, 5 PSC ब्रिज और 9 स्टील ब्रिज बन चुके हैं. 211 किमी ट्रैक बेड तैयार है. 4 लाख से ज्यादा नॉइज बैरियर लगाए जा चुके हैं. पालघर जिले में सात पहाड़ी सुरंगों की खुदाई जारी है. बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स से शिलफाटा तक 21 किमी लंबी सुरंग में से 5 किमी तक का काम पूरा हो चुका है.

डिपो और स्टेशन पर भी तेजी से काम

सूरत और अहमदाबाद में रोलिंग स्टॉक डिपो का निर्माण हो रहा है. गुजरात के सभी स्टेशनों पर सुपर स्ट्रक्चर का काम अंतिम चरण में है. महाराष्ट्र में तीन एलिवेटेड स्टेशनों पर भी निर्माण शुरू हो चुका है.

क्यों चुना गया गुजरात?

रेल मंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में गुजरात ने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में शानदार काम किया है. राज्य में 2,764 किमी नई रेलवे लाइन बनाई गई है, जो डेनमार्क के पूरे रेलवे नेटवर्क से ज्यादा है. रेलवे क्षेत्र में 1.46 लाख करोड़ का निवेश हुआ है. रेलवे के अलावा, गुजरात सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. 1.25 लाख करोड़ का निवेश सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हुआ है.

4 बड़े प्लांट बन रहे हैं और 30 जापानी कंपनियां यहां कंपोनेंट निर्माण की तैयारी कर रही हैं. देश की इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री 11 सालों में 12 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है.