Pulwama Attack Anniversary 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शनिवार, 14 फरवरी 2026 को पुलवामा आतंकी हमले की 7वीं बरसी (Pulwama Attack 7th Anniversary) पर सीआरपीएफ (CRPF) के उन वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने 2019 में देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौहार कर दिए थे. प्रधानमंत्री ने शहीदों की वीरता और राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा को याद करते हुए कहा कि उनका साहस आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है. प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के माध्यम से अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं. उन्होंने लिखा- '2019 में आज ही के दिन पुलवामा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर नायकों को नमन. राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण, संकल्प और सेवा हमारी सामूहिक चेतना में हमेशा अंकित रहेगी. हर भारतीय उनके अदम्य साहस से शक्ति प्राप्त करता है.'
प्रधानमंत्री के साथ-साथ उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी शहीदों को नमन किया. उपराष्ट्रपति ने कहा कि जवानों का सर्वोच्च बलिदान भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है और यह हमें एक मजबूत और सुरक्षित भारत बनाने के लिए प्रेरित करता रहेगा. यह भी पढ़ें: Pulwama Attack 7th Anniversary: पुलवामा हमले की 7वीं बरसी पर जानें शहादत से बालाकोट एयरस्ट्राइक तक, वो घटनाक्रम जिसने बदल दी भारत की सुरक्षा रणनीति
पीएम मोदी ने 2019 के पुलवामा हमले के बहादुरों को श्रद्धांजलि दी
Remembering the brave heroes who laid down their lives in Pulwama on this day in 2019. Their devotion, resolve and service to the nation remain forever etched in our collective consciousness. Every Indian draws strength from their enduring courage.
— Narendra Modi (@narendramodi) February 14, 2026
क्या हुआ था 14 फरवरी 2019 को?
14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में भारत के सुरक्षा इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक हुई थी. श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ का एक काफिला गुजर रहा था, जिसमें 78 बसों में करीब 2,500 जवान सवार थे.
लेथपोरा के पास एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदी कार को काफिले की एक बस से टकरा दिया। इस भीषण विस्फोट में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस कायरतापूर्ण हमले की जिम्मेदारी ली थी.
भारत का करारा जवाब और वैश्विक असर
पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था. भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी शिविरों पर की गई एयरस्ट्राइक सबसे प्रमुख थी.
इस घटना ने सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर वैश्विक चर्चा छेड़ दी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भारत की सुरक्षा चिंताओं का समर्थन किया. तब से, भारत में 14 फरवरी को 'ब्लैक डे' (Black Day) के रूप में मनाया जाता है, ताकि देश के उन 40 सपूतों के बलिदान को याद रखा जा सके.












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