Maha Kumbh Stampede LIVE: प्रयागराज का बार्डर सील! सड़कों पर लगा भीषण जाम, अखिलेश यादव ने महाकुंभ मेला में व्यवस्था पर उठाए सवाल
महाकुंभ के दौरान प्रयागराज के संगम तट पर भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोगों के हताहत होने की आशंका है. प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने तत्काल सहायता का आश्वासन दिया, जबकि 11 बजे के बाद अखाड़ाें का अमृत स्नान शुरु होगा.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि महाकुंभ मेला क्षेत्र, प्रयागराज के नगरीय क्षेत्र, जन परिवहन के केंद्रों और शहर की सीमाओं को बंद कर देने के कारण करोड़ों लोग सड़क पर फंसे हुए हैं. लाखों वाहन चालकों और श्रद्धालुओं को दसों किलोमीटर लंबे जाम में फंसा हुआ देख उनका गुस्सा और चिंता बढ़ गई है.
अखिलेश यादव ने इस स्थिति को सामान्य बचाव कार्य की बजाय शासन और प्रशासन की लापरवाही से उत्पन्न आपदा करार दिया और सरकार से तुरंत सक्रिय होने की अपील की. उनका कहना था कि सरकार को इस संकट की गंभीरता को समझते हुए जल्द से जल्द राहत कार्य शुरू करना चाहिए और श्रद्धालुओं तक भोजन और पानी की आपूर्ति सूर्यास्त से पहले सुनिश्चित करनी चाहिए. साथ ही, यह भरोसा दिलाना चाहिए कि प्रदेश और केंद्रीय सरकार के द्वारा सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुँचाने की व्यवस्था की जाएगी.
उन्होंने लापता श्रद्धालुओं को जल्द ढूँढकर उनके घरों तक सही-सलामत पहुँचाने की भी मांग की. इसके अलावा, अखिलेश यादव ने मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इस कठिन परिस्थिति में सभी प्रकार के समारोह, उत्सवधर्मिता और स्वागत कार्यक्रम रद्द कर दिए जाने चाहिए ताकि पूरा प्रशासन राहत कार्य में संकेंद्रित हो सके.
महाकुंभ 2025: अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज में धर्माचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा, "देश के तीनों शंकराचार्य आज यहां पवित्र स्नान करने आ रहे हैं. जो घटना बीती रात घटी, वह दुर्भाग्यपूर्ण है और सभी इस पर दुखी हैं, लेकिन हमें यह सचेत रहना चाहिए कि भविष्य में ऐसी कोई घटना न घटे. मैं सभी श्रद्धालुओं से निवेदन करता हूँ कि वे धैर्य बनाए रखें और कुम्भ क्षेत्र में कहीं भी पवित्र स्नान करें. ऐसा कोई विशेष स्थान नहीं है जहाँ श्रद्धालुओं को स्नान के लिए एकत्र होना चाहिए."
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस मौके पर श्रद्धालुओं से शांतिपूर्वक और संयम से कुम्भ क्षेत्र में स्नान करने की अपील की. उनका कहना था कि कुम्भ के इस पवित्र पर्व पर श्रद्धालु शांति से स्नान करें और किसी भी तरह की अफरातफरी से बचें.
प्रयागराज, यूपी: मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर त्रिवेणी घाट पर भक्तों की भारी भीड़ को ड्रोन विजुअल्स में कैद किया गया है. आज दोपहर 12 बजे तक लगभग 4.24 करोड़ भक्तों ने पवित्र अमृत स्नान किया है. अब तक कुल 20 करोड़ से अधिक श्रद्धालु गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम में डुबकी लगा चुके हैं.
महाकुंभ में हुए हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है. संगम तट पर NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) कमांडो तैनात कर दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके.
संगम स्थल पर आम लोगों की एंट्री बंद
प्रयागराज प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए संगम स्थल पर आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी है. हादसे के बाद तेजी से बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, जिससे स्थिति को काबू में रखा जा सके और भविष्य में किसी और अप्रिय घटना को रोका जा सके.
प्रयागराज की सीमाओं पर सख्ती
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रयागराज शहर की सीमाओं पर श्रद्धालुओं की एंट्री रोक दी गई है. आस-पास के जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को रोकने के लिए चेकपोस्ट बनाए गए हैं और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और यात्रा से पहले प्रशासन के निर्देशों का पालन करें. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मौजूदा स्थिति सामान्य होने तक धैर्य बनाए रखें.
प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ में भारी भीड़ उमड़ रही है, और इसी बीच एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में दिख रहा है कि किस तरह श्रद्धालु बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगे, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बनने की आशंका पैदा हो गई. इस घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि श्रद्धालु किसी भी तरह आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं. प्रशासन लगातार अपील कर रहा है कि लोग धैर्य बनाए रखें और सुरक्षा नियमों का पालन करें.
प्रयागराज: कुंभ मेला SSP राजेश द्विवेदी ने कहा, "कोई भगदड़ नहीं हुई, अत्यधिक भीड़भाड़ थी जिसके कारण कुछ श्रद्धालु घायल हो गए... किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें. मेरी श्रद्धालुओं से अपील है कि जो घाट उनके लिए खुले हैं, वहां आराम से स्नान करें. अमृत स्नान जल्द ही शुरू होने वाला है और यह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होगा...कई घाट विकसित किए गए हैं और लोग सुगमता से वहां स्नान कर रहे हैं..."
प्रयागराज: महाकुंभ में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेल मंत्री से बातचीत की है. उन्होंने अनुरोध किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अधिक से अधिक ट्रेनें चलाई जाएं, जिससे यात्रा सुगम हो सके और भीड़ को नियंत्रित किया जा सके.
सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज में करोड़ों श्रद्धालु मौजूद हैं, और इस पावन अवसर पर संगम स्नान के लिए लाखों लोग पहुंच रहे हैं. कल ही लगभग 5.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया था, और आज भी भारी संख्या में श्रद्धालु शहर में प्रवेश कर रहे हैं. ऐसे में अतिरिक्त ट्रेनों की जरूरत है ताकि श्रद्धालुओं को अपने गंतव्य तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो. रेल मंत्री ने मुख्यमंत्री के अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रयागराज में लगभग 8-10 करोड़ श्रद्धालु मौजूद हैं और संगम नोज पर भारी दबाव बना हुआ है.
सीएम योगी ने आगे बताया कि कल करीब 5.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने महाकुंभ का पवित्र स्नान किया था, और आज भी श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं है. संगम के तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो.
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रयागराज महाकुंभ मेला के दौरान हुई भगदड़ पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए हताहत हुए श्रद्धालुओं के परिवारजनों के प्रति अपनी शोक-संवेदना व्यक्त की.
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, "प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ की घटना अत्यंत दुखद है. मैं हताहत हुए श्रद्धालुओं के परिवारजनों के प्रति शोक-संवेदना व्यक्त करती हूं और ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि घायल हुए सभी श्रद्धालु शीघ्र ही स्वस्थ हों."
इस हादसे में कई श्रद्धालु घायल हो गए हैं, और स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है. राष्ट्रपति मुर्मू के इस संदेश ने शोक और दर्द के इस समय में पीड़ित परिवारों के लिए संवेदना का एक बड़ा संदेश दिया है.
Mahakumbh 2025 Stampede Live Update: प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेले के दौरान मौनी अमावस्या से पहले संगम तट पर भगदड़ मच गई. यह घटना न केवल दुखद है, बल्कि इसने कुंभ जैसे विशाल आयोजन की सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस घटना में कई लोगों के हताहत होने की आशंका है.
क्या हुआ?
महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान पर्व के दौरान संगम तट पर भारी भीड़ जमा हो गई. मौनी अमावस्या के पवित्र दिन पर लाखों श्रद्धालुओं के संगम में स्नान करने की उम्मीद थी. हालांकि, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए बैरिकेड्स और सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद लोग संगम की ओर बढ़ने लगे. इस दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोग घायल हुए और कुछ की मौत हो गई.
घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल कदम उठाए और अखाड़ा परिषद ने अमृत स्नान रद्द करने का फैसला लिया. इसके अलावा, संगम तट से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बैरिकेडिंग हटा दी गई. हालांकि, अभी भी संगम तट पर भारी भीड़ जमा है, और लोग स्नान करने के लिए वहां पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं.
घटना के कारण
इस भगदड़ के पीछे कई कारण हो सकते हैं:
अत्यधिक भीड़: महाकुंभ में हर साल करोड़ों श्रद्धालु आते हैं. इस बार भी मौनी अमावस्या पर 10 करोड़ से अधिक लोगों के पहुंचने की उम्मीद थी. इतनी बड़ी संख्या में लोगों को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती थी.
सुरक्षा व्यवस्था में कमी: कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था में कमी थी. बैरिकेड्स और पुलिस बल के बावजूद भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया.
संचार की कमी: श्रद्धालुओं को सही दिशा-निर्देश नहीं मिल पाए, जिसके कारण वे एक ही स्थान पर जमा हो गए.
अखाड़ों और प्रशासन के बीच तालमेल की कमी: कुंभ मेले में अखाड़ों की भूमिका अहम होती है, लेकिन प्रशासन और अखाड़ों के बीच समन्वय की कमी ने स्थिति को बिगाड़ दिया.
प्रतिक्रियाएं
इस घटना के बाद कई बड़े नेताओं और धार्मिक नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताई और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से दो बार बात की. उन्होंने तत्काल सहायता और राहत कार्यों को तेज करने का आदेश दिया.
गृहमंत्री अमित शाह
गृहमंत्री ने यूपी सरकार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में पूरी तरह से सहयोग करेगी.
साधु-संतों की अपील
स्वामी रामभद्राचार्य और अन्य धार्मिक नेताओं ने श्रद्धालुओं से संगम तट पर न जाने की अपील की. उन्होंने कहा कि श्रद्धालु नजदीकी घाटों पर स्नान करें और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें.
अखाड़ा परिषद
अखाड़ा परिषद ने भीड़ को देखते हुए बसंत पंचमी पर स्नान करने का निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया था, इसलिए यह फैसला लिया गया.
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
इस घटना के बाद प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं. पंचायती अखाड़े के महामंडलेश्वर प्रेमानंद पुरी ने प्रशासन को निकम्मा बताते हुए कहा कि कुंभ की सुरक्षा सेना के हवाले कर दी जानी चाहिए थी. उन्होंने कहा, "प्रशासनिक व्यवस्था की कमी के कारण कुंभ कलंकित हुआ है."
वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि जनता की संख्या अनुमान से कहीं अधिक थी, जिसके कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि तैयारियों में कमी नहीं थी, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती थी.
आगे क्या होगा?
जांच
इस घटना की जांच की जाएगी कि आखिर यह हादसा कैसे हुआ और कहां चूक हुई. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना
आने वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा. सेना और अर्धसैनिक बलों की मदद से भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाया जाएगा.
श्रद्धालुओं की सुरक्षा
श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे संगम तट पर जाने के बजाय नजदीकी घाटों पर स्नान करें और भीड़ से दूर रहें.
जन जागरूकता
श्रद्धालुओं को सुरक्षा निर्देशों के बारे में जागरूक करने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा.महाकुंभ जैसे विशाल आयोजन में सुरक्षा और प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होती है. इस घटना ने हमें यह सबक दिया है कि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है. साथ ही, श्रद्धालुओं को भी सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है.