India US Trade War 2025: भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव के बीच एक बड़ा दावा सामने आया है. जर्मन अखबार Frankfurter Allgemeine Zeitung (F.A.Z.) ने खबर दी है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्तों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) से चार बार फोन पर बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला. यह दावा ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने को लेकर चेतावनी दी है और भारतीय निर्यात पर 50% का टैरिफ (50% Tariff) लगाने की भी धमकी दी है.
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ट्रंप ने पीएम मोदी को चार बार फोन करने की कोशिश की
FAZ claims that Trump tried to call Modi four times in recent weeks but that Modi refused the calls. pic.twitter.com/ey4qq7qqWA
— Thorsten Benner (@thorstenbenner) August 25, 2025
जर्मन रिपोर्ट में क्या कहा गया?
अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी सरकार अमेरिकी दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं है. खासकर अमेरिकी कृषि कारोबार (American Agribusiness) को भारतीय बाजार में जगह देने के मुद्दे पर पीएम मोदी का रुख सख्त है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मोदी फिलहाल किसी भी जल्दबाजी या राजनीतिक स्टंट का हिस्सा बनने को तैयार नहीं हैं. इसमें वियतनाम के साथ व्यापार समझौते को लेकर ट्रंप द्वारा हाल ही में की गई समय से पहले की गई घोषणा का उदाहरण भी दिया गया है.
रूसी तेल और अमेरिका का गुस्सा
ट्रंप प्रशासन (Trump Administration) का आरोप है कि भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद सीधे तौर पर यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) को वित्तपोषित कर रही है. यही वजह है कि अगर भारत अपना रुख नहीं बदलता है, तो अमेरिका 50% तक का टैरिफ जारी रख सकता है. इसमें 25% व्यापार असंतुलन पर और 25% रूस से तेल खरीदने पर लगाया जाएगा.
भारत पर असर और जनता का रुख
अगर टैरिफ लागू होता है, तो भारत के निर्यात पर काफी असर पड़ेगा. क्योंकि भारत का लगभग 20% निर्यात अमेरिका को जाता है. रिपोर्ट का अनुमान है कि इसके चलते भारत की आर्थिक विकास दर 6.5% से घटकर 5.5% रह सकती है. हालांकि, अब भारतीय जनता का रुख ट्रंप के खिलाफ होता दिख रहा है. जहां कुछ महीने पहले एक सर्वेक्षण में आधे भारतीयों ने उन पर भरोसा जताया था, वहीं अब सोशल मीडिया पर ट्रंप की तेजी से आलोचना हो रही है.
पाकिस्तान को लेकर गुस्सा
भारतीय सोशल मीडिया पर गुस्से की एक वजह ट्रंप का पाकिस्तान के प्रति झुकाव भी है. हाल ही में ट्रंप ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर (Pakistan Army Chief Asim Munir) के साथ व्हाइट हाउस में लंच किया था, जिसे भारत ने सकारात्मक संकेत नहीं माना. इसके अलावा, ट्रंप के इस बयान ने कि भारत भविष्य में पाकिस्तान से तेल खरीद सकता है, लोगों को और भड़का दिया है.
भारत की नई रणनीति
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी अब नए वैश्विक साझेदारों की ओर रुख कर रहे हैं. इसी कड़ी में, वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में हिस्सा लेने चीन जा सकते हैं. विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक संस्थानों में अधिक प्रभाव हासिल करने से भारत और चीन के हित मिलते हैं और चीन की तकनीक और निवेश भारत के उद्योग जगत को मजबूत कर सकते हैं.













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