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पश्चिम बंगाल और राजस्थान में जल जीवन मिशन योजना की प्रगति संतोषजनक नहीं: केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जल जीवन मिशन योजना की प्रगति पश्चिम बंगाल और राजस्थान में संतोषजनक नहीं है जबकि गोवा, तेलंगाना, हरियाणा और बिहार में योजना के तहत बेहतरी के साथ काम हुआ है. शेखावत ने कहा कि दिल्ली ने बेहतर प्रदर्शन किया है. हालांकि कुछ राज्यों को छोड़कर लगभग हर राज्य अपनी पूरी क्षमता का परिचय दे रहे हैं.

पश्चिम बंगाल और राजस्थान में जल जीवन मिशन योजना की प्रगति संतोषजनक नहीं: केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत
गजेंद्र सिंह शेखावत (Photo Credits: Twitter)

नई दिल्ली, 4 नवंबर: केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) ने मंगलवार को कहा कि जल जीवन मिशन योजना की प्रगति पश्चिम बंगाल (West Bengal) और राजस्थान में संतोषजनक नहीं है जबकि गोवा, तेलंगाना, हरियाणा और बिहार में योजना के तहत बेहतरी के साथ काम हुआ है. पूरे देश में चल रही इस योजना की समीक्षा के बाद केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने कहा कि जिन राज्यों का प्रदर्शन असंतोषजनक है, उनके ग्रांट को वापस लेकर उन राज्यों में बांट दिया जाएगा, जो जिनका प्रदर्शन बेहतर है जिससे राज्यों में प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा होगी.

समीक्षा बैठक के बाद यहां एक प्रेसवार्ता के दौरान जल शक्ति मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन योजना को लेकर राज्यों का अभूतपूर्व उत्साह दिख रहा है. राज्यों ने अपनी समस्याएं, परेशानियों, चुनौतियों और आवश्यकताओं के बारें में खुल कर बात की. उन्होंने कहा, "हमने भी अपनी अपेक्षाओं को सभी राज्यों के साथ साझा किया." शेखावत ने बताया कि गोवा देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां कोई भी ग्रामीण आवास बिना नल कनेक्शन का नहीं है.

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उन्होंने कहा, "गोवा ने 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है. तेलंगाना ओर पुडुचेरी भी 100 प्रतिशत लक्ष्य की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. गुजरात, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में भी तेजी से काम हो रहा है. कुछ राज्यों ने अपने लक्ष्य को 2024, तो कुछ राज्यों ने 2022 तक पूरा करने का आश्वासन दिया है. तो वहीं कुछ राज्यों ने 2021 के पहले लक्ष्य को पूरा करने की बात कही है." पश्चिम बंगाल में जल जीवन मिशन योजना की प्रगति के बारे में उन्होंने कहा कि आज भी मीटिंग के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार का कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं था. उसी प्रकार आंध्र प्रदेश में भी यह योजना सामान्य स्थिति से पीछे है. हालांकि आंध्र प्रदेश ने बेहतर प्रदर्शन करने का आश्वासन दिया है.

शेखावत ने कहा कि दिल्ली ने बेहतर प्रदर्शन किया है. हालांकि कुछ राज्यों को छोड़कर लगभग हर राज्य अपनी पूरी क्षमता का परिचय दे रहे हैं. वहीं राजस्थान की स्थिति के बारें में पूछे गए प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि राजस्थान के पास बीते वर्ष का एक हजार करोड़ और इस वर्ष का निर्धारित बजट को देखें तो छह हजार करोड़ के बाद भी राजस्थान में उम्मीद के मुताबिक प्रगति दिखना तो दूर, औसत प्रगति से भी यह राज्य काफी पीछे है. उत्तर प्रदेश के बारे में उन्होंने कहा कि यह प्रदेश बड़ा है, वहां बड़े पैमाने पर नल कनेक्शन देना है. प्रदेश अपनी चुनौतियों को बेहतर ढंग से सामना करते हुए लक्ष्य प्राप्ति की ओर अग्रसर है.

जलशक्ति मंत्री ने कहा कि बीते 70 साल में 19 करोड़ ग्रामीण घरों में से केवल तीन करोड़ ग्रामीण घरों तक ही नल का कनेक्शन दिया गया था जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने 15 अगस्त 2019 को जल जीवन मिशन योजना का शुभारंभ कर, पांच वर्षों के अंदर हर घर नल कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है. उन्होंने कहा, "8 योजनाओं के शुभारंभ के 14 महीनों में ही हम कोविड जैसी वैश्विक महामारी के बाद भी दो करोड़ 55 लाख नए नल कनेक्शन देने में सफल रहे हैं."

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 04, 2020 07:54 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).