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आजम खान को लग सकता बड़ा झटका, जौहर विश्वविद्यालय को यूपी की योगी सरकार कर सकती है टेकओवर

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद आजम खान के जौहर विश्वविद्यालय पर संकट गहराता जा रहा है. योगी सरकार जौहर विवि को कब्जे में ले सकती है. इस मामले में डीएम ने जौहर विवि ट्रस्ट की अनियमितताओं की रिपोर्ट शासन को भेज दी है. सपा सांसद आजम खान रामपुर में स्थित जौहर विवि के संस्थापक और कुलपति हैं. उनके बेटे अब्दुल्ला आजम विवि के सीईओ और ट्रस्टी हैं.

आजम खान को लग सकता बड़ा झटका, जौहर विश्वविद्यालय को यूपी की योगी सरकार कर सकती है टेकओवर
आजम खान और योगी आदित्यनाथ (Photo Credits: IANS/PTI)

रामपुर. समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद आजम खान के जौहर विश्वविद्यालय पर संकट गहराता जा रहा है. योगी सरकार जौहर विवि को कब्जे में ले सकती है. इस मामले में डीएम ने जौहर विवि ट्रस्ट की अनियमितताओं की रिपोर्ट शासन को भेज दी है. सपा सांसद आजम खान रामपुर में स्थित जौहर विवि के संस्थापक और कुलपति हैं. उनके बेटे अब्दुल्ला आजम विवि के सीईओ और ट्रस्टी हैं. आजम खान की पत्नी विधायक डॉ.तजीन फातमा भी ट्रस्टी हैं. उनके अलावा जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष सलीम कासिम भी ट्रस्ट में शामिल हैं. अभी ये सभी लोग फर्जीवाड़े के मामले में जेल में बंद हैं.

सरकारी सूत्रों का दावा है कि जौहर विश्वविद्यालय में सरकार का धन लगा हुआ है. छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार जौहर विश्वविद्यालय को टेकओवर कर सकती है. सूत्रों के अनुसार, सरकार इस विश्वविद्यालय पर प्रशासक नियुक्त कर सकती है. विवि को संचालित करने वाले जौहर ट्रस्ट के अध्यक्ष आजम और दूसरे सदस्य भी फर्जीवाड़े के मामले में फंसे हैं. ट्रस्ट की ओर से प्रति वर्ष की रिपोर्ट नहीं भेजकर, नियमों का उल्लंघन किया गया. यह भी पढ़े-मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में दीवार पर चिपकाए गए नोटिस को लेकर किया विरोध प्रदर्शन

जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह के अनुसार, "ट्रस्ट को हर साल एक अप्रैल को डीएम को प्रगति रिपोर्ट देनी होती है, लेकिन जौहर ट्रस्ट ने कभी कोई रिपोर्ट नहीं दी। इसकी जांच उप-जिलाधिकारी सदर को सौंपी गई है. हम चाहते हैं कि विश्वविद्यालय चलता रहे। हमने सरकार को भी रिपोर्ट दी है कि इसे टेकओवर कर लिया जाए और उसे मौजूदा स्वरूप में चलने दिया जाए. यह विवि अल्पसंख्यक संस्थान है। पिछले साल ही प्रदेश सरकार ने कानून बनाया है कि प्राइवेट विश्वविद्यालय में अगर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितता पाई जाती है, तो वहां प्रशासक नियुक्त किया जा सकता है."

ज्ञात हो कि जमीन अधिग्रहण को लेकर काफी समय से आजम खान का जौहर विश्वविद्यालय विवादों में रहा है। कई केस विवि प्रबंधन के खिलाफ चल रहे हैं. यही नहीं जौहर विश्वविद्यालय में सरकारी जमीन पर कब्जा व सरकारी पैसे के दुरुपयोग का भी आरोप लगा है। इस संबंध में रामपुर में कई मुकदमे दर्ज हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 07, 2020 06:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).