सीएम योगी ने बुजुर्गों को दी बड़ी सौगात, यूपी सरकार उपलब्ध कराएगी सस्ते और सुरक्षित किराए के मकान
नए प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई संतान या आश्रित रिश्तेदार बुजुर्ग की देखभाल नहीं करता या उनके साथ दुर्व्यवहार करता है, तो वरिष्ठ नागरिक उसे अपनी संपत्ति से बेदखल करने की कार्रवाई कर सकते हैं. साथ ही, वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण के लिए 30 दिनों की समयसीमा भी तय की गई है.
UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार राज्य के विभिन्न वर्गों के लिए नई योजनाएं ला रहे हैं. अब योगी सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया है. राज्य सरकार बुजुर्गों के लिए एक नई रेंटल हाउसिंग नीति लाने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत उन्हें सस्ते, सुरक्षित और सम्मानजनक किराए के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे. इस योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर आवास सुविधा प्रदान करना है. यह भी पढ़ें: CM Yogi Janta Darbar: सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में बच्चों से की बातचीत, बांटी चॉकलेट; जनता दरबार का VIDEO आया सामने
बुजुर्गों के लिए बनेगी नई रेंटल हाउसिंग नीति
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने इस नई नीति का मसौदा तैयार करने के लिए नौ सदस्यीय समिति का गठन किया है. यह समिति वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों का अध्ययन करेगी और सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपेगी. प्रस्तावित योजना के तहत पात्र बुजुर्गों को कम किराए पर सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वृद्धावस्था में उन्हें रहने के लिए सम्मानजनक और सुविधाजनक विकल्प मिल सके.
9 सदस्यीय समिति तैयार करेगी नीति
नई रेंटल हाउसिंग नीति के लिए गठित समिति की अध्यक्षता आवास विभाग के सचिव करेंगे. समिति में लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, वाराणसी और मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्षों को सदस्य बनाया गया है. वहीं, आवास बंधु के निदेशक को सदस्य-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है. समिति नीति का प्रारूप तैयार कर सरकार को अपनी अंतिम सिफारिशें देगी.
यूपी के विभिन्न शहरों में विकसित होंगे विशेष आवास
योगी सरकार की योजना राज्य के अलग-अलग शहरों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष आवासीय परियोजनाएं विकसित करने की है. इन आवासों को जरूरतमंद बुजुर्गों को रियायती किराए पर उपलब्ध कराया जाएगा. प्रस्तावित नीति में सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच, सार्वजनिक परिवहन की सुविधा और वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा.
बुजुर्गों के लिए पहले से चल रही हैं कई योजनाएं
उत्तर प्रदेश सरकार पहले से ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है. इनमें वृद्धावस्था पेंशन योजना प्रमुख है, जिसके तहत पात्र बुजुर्गों को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है.
इसके अलावा, लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा भी दी जा रही है. इस योजना की शुरुआत हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी.
वरिष्ठ नागरिकों को मिला संपत्ति संरक्षण का अधिकार
हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 'उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014' में संशोधन को मंजूरी दी गई.
नए प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई संतान या आश्रित रिश्तेदार बुजुर्ग की देखभाल नहीं करता या उनके साथ दुर्व्यवहार करता है, तो वरिष्ठ नागरिक उसे अपनी संपत्ति से बेदखल करने की कार्रवाई कर सकते हैं. साथ ही, वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण के लिए 30 दिनों की समयसीमा भी तय की गई है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 09, 2026 01:49 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

