बीजेपी-शिवसेना फिर होगी आमने सामने, उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान
महाराष्ट्र के बाद अब बीजेपी और शिवसेना उत्तर प्रदेश में एक दुसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरने वाली है. उत्तर प्रदेश शिवसेना कार्य समिति की बैठक शनिवार को प्रदेश कार्यालय लखनऊ में हुई.
लखनऊ: महाराष्ट्र के बाद अब बीजेपी और शिवसेना उत्तर प्रदेश में एक दुसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरने वाली है. उत्तर प्रदेश शिवसेना कार्य समिति की बैठक शनिवार को प्रदेश कार्यालय लखनऊ में हुई. शिवसेना राज्य प्रमुख ठाकुर अनिल सिंह की अध्यक्षता में कोर कमेटी की बैठक हुई, जिसमें पार्टी ने वर्ष 2019 में सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया.
बैठक में यह तय हुआ कि उप्र शिवसेना में भारतीय जनता पार्टी से किसी भी प्रकार का गठबंधन नहीं होगा और शिवसेना अपने दम पर चुनाव लड़ेगी. इसी के साथ चुनाव कोर कमेटी का गठन कर राष्ट्रीय नेतृत्व को भेज दिया गया है. प्रत्याशियों की चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है.
ठाकुर अनिल सिंह ने भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी हिंदुओं से छलावा कर रही है और जनता से किए गए वादों को भी भूल गई है. जो पार्टी प्रभु रामलला के नाम पर आज देश और पूरे प्रदेश में सत्ता का सुख भोग रही है, वह इतने निचले स्तर पर गिर गई है कि भाजपा के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा प्रभु रामलला की पत्नी सीता को 'टेस्ट-ट्यूब बेबी' बताकर, उन पर अमर्यादित टिप्पणी कर पूरे देश में हिंदू विरोधी होने का संकेत दे रही है.
इस बैठक में शिवसेना के राज्य उपप्रमुख अंशुमान यादव, ओ.पी. शर्मा, अभय द्विवेदी, प्रदेश सचिव मुकेश चौहान, अजय सिंह, ध्रुव यादव, रणविजय सिंह, मीडिया प्रभारी मनोज परिहार, लखनऊ जिला प्रमुख विश्वजीत सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 10, 2018 01:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

