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अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद भूटान, PAK और श्रीलंका ने किया ये फैसला, ऐसे देंगे अंतिम विदाई

वाजपेयी के अंतिम संस्कार में भूटान नरेश जिग्मे वांगचुक भी शामिल होंगे. इसके अलावा बांग्लादेश के विदेश मंत्री अबुल हसन महमूद अली, नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली और श्रीलंका के कार्यवाह विदेश मंत्री लक्ष्मण किरिएला ने भी इस दौरान दिल्ली पहुंचने की पुष्ट‍ि कर दी है

अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद भूटान, PAK और श्रीलंका ने किया ये फैसला, ऐसे देंगे अंतिम विदाई
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Photo Credit-Facebook)

नई दिल्ली: भारत के पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को सार्क देशों सहित दुनिया भर के नेताओं ने श्रद्धांजलि दी है. उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पाकिस्तान (PAK) के कानून मंत्री सहित सार्क देशों के कई नेता आ सकते हैं. न्यूज़ चैनल आजतक की मानें तो अटल बिहारी वाजपेयी के अंतिम संस्कार में सार्क के कई देशों के मंत्री शामिल हो सकते हैं. केंद्र ने वाजपेयी के निधन पर सात दिन के राष्ट्रीय शोक और पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके अंतिम संस्कार की घोषणा की है. इस दौरान भारत और विदेश में भारतीय दूतावासों में 16 अगस्त से 22 अगस्त के बीच राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा. दिवंगत प्रधानमंत्री का अंतिम संस्कार शुक्रवार को यमुना नदी के किनारे स्मृति स्थल पर किया जाएगा. यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया.

सरकार ने यह भी घोषणा कि है कि राष्ट्रीय शोक की अवधि के दौरान कोई आधिकारिक समारोह भी आयोजित नहीं होगा. यह भी पढ़े-अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से पाकिस्तान में भी शोक की लहर.. इमरान खान ने कहा-हम...

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के कार्यवाहक कानून एवं सूचना मंत्री सईद जफर अली अपने देश के प्रतिनिधि के रूप में अंतिम संस्कार में शामिल होंगे. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार शाम 05:05 बजे दिल्ली के एम्स में निधन हो गया. यह भी पढ़े- 'मौत से ठन गई...',पढ़ें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 5 कविताएं

वाजपेयी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के मंत्री जफर अली विशेष विमान से आएंगे. वह कार्यवाह सरकार के मंत्री हैं, उन्हें सार्क देशों के मंत्रियों जैसी सुविधाएं हासिल नहीं हैं, इसलिए उन्हें भारतीय उच्चायोग से वीजा लेनी होगी. सार्क स्ट‍िकर रखने वाले मंत्रियों या सांसदों को सार्क देशों में आने-जाने के लिए वीजा की जरूरत नहीं होती. यह भी पढ़े-पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के एक फैसले ने नरेंद्र मोदी को फर्श से अर्श तक पहुंचा दिया

वही खबर है कि वाजपेयी के अंतिम संस्कार में भूटान नरेश जिग्मे वांगचुक भी शामिल होंगे. इसके अलावा बांग्लादेश के विदेश मंत्री अबुल हसन महमूद अली, नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली और श्रीलंका के कार्यवाह विदेश मंत्री लक्ष्मण किरिएला ने भी इस दौरान दिल्ली पहुंचने की पुष्ट‍ि कर दी है.

वाजपेयी के निधन पर दुनिया भर के नेताओं सहित सार्क देशों के नेताओं ने श्रद्धांजलि दी है. नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली ने कहा, 'वह एक दूरदर्शी स्टेट्समैन थे जो भारत के लोगों के निस्वार्थ सेवा के लिए जाने जाते हैं. भारत और दुनिया ने एक शीर्ष राजनीतिक हस्ती को खो दिया है और नेपाल ने अपने सच्चे दोस्त और शुभेच्छु को.'

गौरतलब है कि स्वास्थ्य संबंधी समस्या की वजह से लगभग एक दशक से सार्वजनिक जीवन से दूर 93 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री को मूत्र मार्ग में संक्रमण की वजह से 11 जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल ने अपने बयान में कहा, 'उन्होंने अपनी अंतिम सांस शाम 5:05 बजे ली.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 17, 2018 11:45 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).