रामटेक लोकसभा सीट 2019 के चुनाव परिणाम: जानें महाराष्ट्र की इस सीट से कौन बन रहा है सांसद
लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) का बिगुल बजने के बाद पहले चरण के लिए 11 अप्रैल को वोट डालें जाएंगे. इस पहले चरण के दौरान महाराष्ट्र के 48 लोकसभा सीटों में 7 सीटों पर मतदान होगा. इन्हीं सीटों से एक है रामटेक सीट (Ramtek seat). इस पर भी उस दिन वोट डालें जायेंगे.
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में लोकसभा चुनाव 2019 रविवार 19 मई को संपन्न हो गए हैं. आज नतीजों का दिन है और शुरुआती रुझान आने शुरू हो गए हैं. इसी कड़ी में महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र की रामटेक सीट के रुझान भी आ रहे हैं. इस सीट पर 11 अप्रैल को वोट डालें गए थे. इस बार भी वर्तमान सांसद कृपाल तुमाने (Krupal Tumane) पर शिवसेना एक बार फिर से भरोसा जताते हुए उन्हें मैदान में उतारा है. जिनका सीधा मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार किशोर गजभिये (Kishore Gajbhiye) से . बता दें कि लोकसभा चुनावों के लिहाज से महाराष्ट्र एक अहम राज्य हैं जिसमें 48 लोकसभा सीट है. सूबे में 4 चरणों में लोकसभा चुनाव हुए थे. रविवार को आये ज्यादातर एग्जिट पोल के नतीजों में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन के कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन से आगे रहने का अनुमान लगाया गया है.
महाराष्ट्र के रामटेक सीट पर 2014 में शिवसेना से कृपाल तुमाने को चुनाव मैदान में उतारा था तो वहीं कांग्रेस ने मुकल वासनिक को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा था. लेकिन मोदी लहर के चलते कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार मुकल वासनिक चुनाव में उनके सामने नहीं टिक सके. उन्हें हार का मुंह देखन पड़ा. यह भी पढ़े: अमरोहा लोकसभा सीट: जानें 2019 के उम्मीदवार, मौजूदा सांसद, मतदान की तारीख और चुनाव परिणाम
2014 में इन प्रत्याशियों को इतने वोट मिले
शिवसेना- कृपाल तुमाने -5,19,892
कांग्रेस- मुकल वासनिक- 3,44,101
बीएसपी-किरण प्रेम कुमार -95,051
आम आदमी पार्टी - प्रताप गोस्वामी - 25,889
रामटेक सीट का इतिहास
देश आजाद होने के बाद रामटेक लोकसभा सीट अस्तित्व में नहीं था. यह सीट 1957 में अस्तित्व में आई. जिसके बाद पहला चुनाव कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार कृष्ण राव गुलाबराव देशमुख चुनाव जीता वहीं, दूसरी बार पार्टी ने माधवराव भगवंत राव पाटिल को टिकट देकर मैदान में उतारा. वे भी चुनाव जीतने में कामयाब रहे. यह सीट सबसे ज्यादा चर्चा में 1984 में रही थी. उस वक्त पूर्व पीएम पी.वी नरसिम्हाराव यहां से चुनाव लड़े थे. इसके बाद 1989 में भी वो यहां से जीत दर्ज करने में सफल रहे. इसके बाद 1957 से लेकर 1998 तक कांग्रेस यहां से चुनाव जीतती ही आई. यह भी पढ़े: लोकसभा चुनाव 2019: भंडारा-गोंदिया लोकसभा सीट पर एनसीपी और बीजेपी के बीच है टक्कर
शिवसेना को 1999 में पहली बार मिली जीत
इस सीट से शिवसेना के उम्मीदवार सुबोध मोहिते ने 1999 पार्टी को जीत दिलाकर इस सीट पर पहली बार भगवा लहराया. शिवसेना ने उन्हें टिकट देकर 2004 में भी चुनाव मैदान में उतार इस चुनाव में भी वे जीतने में कामयाब हुए. लेकिन वे 2007 में पार्टी से नाराज होने के बाद उन्होंने शिवसेना छोड़ने के बाद अपने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में शिवसेना के उम्मीदवार प्रकाश जाधव चुनाव जीते. 2009 के चुनाव में एक बार फिर से कांग्रेस ने बाजी मारी और कुल वासनिक चुनाव जीते, वहीं 2014 में दोबारा शिवसेना यहां चुनाव जीती और कृपाल तुमाने एक बार फिर सांसद बनने का मौका मिला .
कुल 6 विधानसभा
बता दें कि रामटेक लोकसभा नागपुर की 6 विधानसभा से मिलकर बनी है. जिसमें कटोल, सावनेर, हिंगना, उम्रेड, कामठी और रामटेक विधानसभा शामिल है.