राफेल डील: चुनाव से पहले कांग्रेस को मिला बड़ा चुनावी मुद्दा, मोदी सरकार के लिए यह बन सकता है गले की फांस
सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राफेल सौदा को लेकर केंद्र सरकार को बड़ा झटका दिया है. उसने अपने आदेश में कहा है कि लीक हुए दस्तावेज मान्य हैं और इस डील से जुड़े जो कागजात आए हैं, वो सुनवाई का हिस्सा होंगे.
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राफेल डील को लेकर केंद्र सरकार (Modi Government) को बड़ा झटका दिया है. उसने अपने आदेश में कहा है कि लीक हुए दस्तावेज मान्य हैं और इस डील से जुड़े जो कागजात आए हैं, वो सुनवाई का हिस्सा होंगे. कोर्ट के इस फैसले के बाद राफेल डील को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के लिए किसी बड़े चुनावी मुद्दा से कम नहीं है. वहीं, कोर्ट का यह फैसला मोदी सरकार को नुकसान भी पहुंचा सकती है.
बता दें कि राफेल डील को लेकर विपक्ष के सबसे बड़े नेता राहुल गांधी लंबे समय से इस मामले में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर हैं और उनपर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं. अब सुप्रीम कोर्ट के आज के आदेश के बाद राफेल डील के मुद्दे ने सिर्फ राहुल गांधी ही नहीं बल्कि पूरी कांग्रेस पार्टी को नया बल दे दिया है. यह भी पढ़े: राफेल डील: मोदी सरकार को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने नहीं मानी केंद्र की बात, दोबारा होगी सुनवाई
क्या है पूरा विवादी
राफेल फाइटर जेट डील भारत और फ्रांस की सरकारों के बीच सितंबर 2016 में हुई. जिस डील के तहत देश की वायुसेना को 36 अत्याधुनिक लड़ाकू विमान मिलेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो यह सौदा करीब 58,000 करोड़ रुपए में हुआ. लेकिन इस सौदे को लेकर कांग्रेस का दावा है कि यूपीए सरकार के दौरान एक राफेल फाइटर जेट की कीमत 600 करोड़ रुपए तय की गई थी. लेकिन मोदी सरकार ने एक राफेल के लिए करीब 1600 करोड़ में डील किया है. जो एक तरफ से एक डील में घोटाला हुआ है. लेकिन इस सौदे को लेकर मोदी सरकार लगातार कह रही है कि सौदे में किसी भी तरफ का घोटाला नहीं हुआ है. राहुल गांधी इस सौदे में घोटाला होने की बात कहकर सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे है. यह भी पढ़े: राफेल सौदा: कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान, कहा- मोदी सरकार ने CAG के बारे में SC को गुमराह किया, मांगे माफी
बता दें चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए चुनावी मुद्दा इसलिए बन सकता हैं. क्योंकि लोकसभा का चुनाव सात चरणों में होने जा रहा है. जिसमे पहले चरण के लिए 11 अप्रैल को वोट डालें जाएंगे और चुनाव से पहले राफेल सौदे को लेकर यह फैसला आने के बाद कांग्रेस इस मुद्दे को चुनावी मुद्दा बना सकती है. ज्ञात हो कि 543 लोकसभा चुनाव सीटों के लिए सात चरण में वोट डालें जाएंगे. जिसमें 11 अप्रैल, 18, 23, 29 अप्रैल और 6 , 12, 19 मई को मतदान होगा होंगे. वहीं वोटों की गिनती 23 मई को की जायेगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 10, 2019 03:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

