नवजोत सिंह सिद्धू को नये विभाग का कार्यभार संभाल लेना चाहिए था, कुछ तो अनुशासन हो: सीएम अमरिंदर सिंह
सोमवार को नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री को कैबिनेट मंत्री के पद से अपना त्यागपत्र भेजे जाने के कुछ घंटे बाद अमरिंदर सिंह ने कहा कि मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद जिस तरह अन्य मंत्रियों ने अपने नये विभाग का कामकाज संभाल लिया, उसी तरह उन्हें भी (सिद्धू को) अपने नये विभाग का कार्यभार संभाल लेना चाहिए था
चंडीगढ़: सोमवार को नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री को कैबिनेट मंत्री के पद से अपना त्यागपत्र भेजे जाने के कुछ घंटे बाद अमरिंदर सिंह ने कहा कि मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद जिस तरह अन्य मंत्रियों ने अपने नये विभाग का कामकाज संभाल लिया, उसी तरह उन्हें भी (सिद्धू को) अपने नये विभाग का कार्यभार संभाल लेना चाहिए था. अपने फैसले को सार्वजनिक करने के अगले दिन सिद्धू द्वारा अपना त्यागपत्र उन्हें भेजने के विषय पर सिंह ने यहां संसद भवन परिसर में कहा कि उन्होंने अब तक सिद्धू के त्यागपत्र को पढ़ा नहीं है और चंडीगढ़ लौटने के बाद ही वह उसे पढ़ेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘ नहीं, यह सरकार के लिए कोई परेशानी वाली बात नहीं है। (लेकिन) देखिए, संगठन में कुछ अनुशासन तो हो ही.अपने मंत्रियों के कामकाज को देखने के बाद ही मुझे जो व्यक्ति जिस काम के लिए अच्छा जान पड़ा, मैंने उनके विभागों में फेरबदल किया और उन्हें वह काम सौंपा.’’
सिद्धू का त्यागपत्र उनका विभाग बदले जाने के महज चार दिन बाद 10 जून को तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भेजा गया था. सिद्धू को बिजली विभाग दिये जाने के विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ मैंने सोचा कि बिजली पंजाब के लिए महत्वपूर्ण चीज है, यह सबसे महत्वपूर्ण चीजों में एक है, इसलिए मैंने इसे (बिजली विभाग) सिद्धू को दिया लेकिन वह यह (विभाग) नहीं चाहते हैं। अतएव मैंने कहा कि एक बार जब कोई फैसला हो गया तो आप यह नहीं कह सकते कि मैं यह नहीं लूंगा, मैं वह लूंगा.’’ मुख्यमंत्री ने दृढ़ता से कहा, ‘‘ यह तो ऐसा हुआ कि कोई जनरल कहे कि मैं लद्दाख तैनाती पर नहीं जा रहा , मुझे मणिपुर भेजा जाए। आप ऐसा कैसे कह सकते हैं? आपको जो कहा गया है, आपको करना होगा.’’ यह भी पढ़े: नवजोत सिंह सिद्धू ने राहुल गांधी के बाद सीएम अमरिंदर सिंह को भेजा अपना इस्तीफा
उन्होंने कहा, ‘‘ (तो) कैसे 12 अन्य मंत्रियों ने (अपने नये विभागों का) कामकाज संभाल लिया.’’पंजाब मंत्रिमंडल के फेरबदल में कई अन्य मंत्रियों के विभाग भी बदल दिये गये. जब सिंह से पूछा गया कि अब तो उन्हें सिद्धू से मुक्ति मिल गयी तो क्या वह खुश हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे क्यों खुश होना चाहिए? मैं किसी के जाने से खुश नहीं हूं.’’ जब उनसे पूछा गया कि उनके बीच किस बात को लेकर झगड़ा है तो उन्होंने कहा, ‘‘ मेरा उनसे कोई झगड़ा नहीं है। आप उन्हीं से पूछ सकते हैं. ’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या आपने उनसे सुलह की कोई कोशिश की तो उन्होंने कहा, ‘‘ मेरा उनसे कोई मुद्दा ही नहीं है.’’ उन्होंने कहा कि सिद्धू को पहले तो बिजली विभाग का कार्यभार संभाल लेना चाहिए था तथा यदि बाद में वह महसूस करते कि उन्हें कोई और विभाग चाहिए तो फिर उस पर भविष्य में विचार किया जा सकता था.
हालांकि जब मुख्यमंत्री से यह पूछा गया कि क्या वह सिद्धू को मंत्रिमंडल में शामिल कर कोई गलती तो नहीं कर बैठे, तो उन्होंने इस सवाल का जवाब नहीं दिया. सिद्धू द्वारा अपना त्यागपत्र कांग्रेस अध्यक्ष को भेजने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मंत्री द्वारा तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष को त्यागपत्र भेजे जाने में उन्हें कोई नुकसान नजर नहीं आता. उन्होंने कहा, ‘‘ आखिरकार, कांग्रेस अध्यक्ष ही वह व्यक्ति हैं जो यह तय करते हैं कि मेरे मंत्रिमंडल में कौन होना चाहिए. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर की लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारी का विरोध नहीं किया, बल्कि उन्होंने सुझाव दिया था कि उन्हें बठिंडा से चुनाव लड़ना चाहिए जिसे इस दंपति ने अस्वीकार कर दिया.
पूर्व भाजपा नेता सिद्धू 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हो गये थे. उन्होंने कहा कि उन्होंने सोमवार को यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने इस मौके का इस्तेमाल श्री गुरू नानक देव जी की 550 वीं जयंती समारोह पर प्रधानमंत्री के साथ चर्चा करने के लिए किया। प्रधानमंत्री ने उसमें हिस्सा लेने और उसे सफल बनाने के लिए सभी संभव सहायता देने का आश्वासन दिया.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 15, 2019 08:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

