मन की बात 2019: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में 'फिट इंडिया' और 'प्लास्टिक मुक्त भारत' का किया जिक्र
पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में विभिन्न मुद्दों के बीच 'फिट इंडिया मूवमेंट' से लेकर 'प्लास्टिक मुक्त भारत' का जिक्र किया. युवाओं के बीच फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए सीबीएसई द्वारा एक दिलचस्प पहल की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने स्कूलों से दिसंबर में 'फिट इंडिया वीक' का अनुपालन करने का आग्रह किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' (Maan Ki Baat) में विभिन्न मुद्दों के बीच 'फिट इंडिया मूवमेंट' से लेकर 'प्लास्टिक मुक्त भारत' और अयोध्या मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले तक का जिक्र किया. युवाओं के बीच फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education) द्वारा एक दिलचस्प पहल की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने स्कूलों से दिसंबर में 'फिट इंडिया वीक' का अनुपालन करने का आग्रह किया. उन्होंने स्कूबा गोताखोरों के एक समूह के बारे में बात की जिन्होंने स्वच्छता को आगे बढ़ाने में एक अहम योगदान दिया.
मोदी ने कहा कि स्कूबा गोताखोर कैसे गहरे समुद्र में गोता लगाते हैं और अपशिष्ट एकत्र करते हैं. "केवल 13 दिनों में, उन्होंने (स्कूबा गोताखोरों) ने समुद्र से 4,000 किलोग्राम से अधिक प्लास्टिक कचरे को बाहर निकाला. यह प्रयास एक बड़ा आंदोलन बन गया है. अब उन्हें स्थानीय लोगों की मदद मिल रही है." मोदी ने कहा कि अगर हम इन स्कूबा गोताखोरों से प्रेरणा लेकर अपने आस-पास के इलाकों को प्लास्टिक मुक्त बनाने का निर्णय लेते हैं, तो प्लास्टिक मुक्त भारत पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल पेश करेगा.
प्रधानमंत्री ने राम जन्मभूमि मामले पर फैसले के बाद 'एकता और भाईचारे की भावना' को आगे बढ़ाने के लिए भारत के लोगों को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा , "अपने पिछले 'मन की बात' कार्यक्रम में, मैंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2010 के फैसले के बारे में चर्चा की थी और कहा था कि कैसे लोगों ने शांति और भाईचारा बनाए रखा." प्रधानमंत्री ने कहा, "जब 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मंदिर मुद्दे पर अपना फैसला सुनाया तो इस बार फिर 130 करोड़ भारतीयों ने साबित किया कि देश के हित से बढ़कर उनके लिए कुछ भी नहीं है."
उन्होंने कहा कि सभी ने फैसले का तहे दिल से स्वागत किया और इसे शांति और सरलता के साथ स्वीकार किया. मोदी ने कहा कि फैसले ने लंबे समय से लंबित न्यायिक लड़ाई को खत्म कर दिया है, इससे न्यायपालिका में भी विश्वास बढ़ा है. यह फैसला न्यायपालिका के लिए एक मील का पत्थर है. यह सुप्रीम कोर्ट के लिए एक ऐतिहासिक फैसला है. उन्होंने कहा कि देश अब नई उम्मीदों और आशा के साथ नए रास्ते पर चल पड़ा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 24, 2019 01:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

