लोकसभा में बोले PM मोदी, जम्मू-कश्मीर में बदलाव की बयार, घाटी के लोगों को मिला सामाजिक न्याय, आतंकवाद की तोड़ी कमर

17वीं लोकसभा के अंतिम सत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में हो रहे बदलावों को रेखांकित किया. उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर के लोग सामाजिक न्याय से वंचित थे. आज हमें संतुष्टि है कि हमने सामाजिक न्याय के प्रति हमारी प्रतिबद्धता के अनुरूप जम्मू-कश्मीर के लोगों को सामाजिक न्याय प्रदान किया है. आतंकवाद एक कांटा बन गया था, देश के सीने में गोलियां चला रहा था... हमने आतंकवाद के खिलाफ कड़े कानून बनाए. मुझे पूरा विश्वास है कि इस तरह से जो लोग ऐसे मुद्दों से पीड़ित हैं, उन्हें मजबूती मिलेगी."

प्रधानमंत्री के संबोधन की महत्वपूर्ण बातें 

सामाजिक न्याय: मोदी सरकार का दावा है कि जम्मू-कश्मीर में किए गए बदलावों से वहां सामाजिक न्याय कायम हुआ है. इसमें महिलाओं को आरक्षण, पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करना और अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों को मिलने वाले लाभों को बढ़ाना शामिल है.

आतंकवाद विरोधी नीति: मोदी सरकार ने आतंकवाद को रोकने के लिए सख्त नीति अपनाई है. इसमें सुरक्षाबलों को सख्त कार्रवाई का अधिकार देना, आतंकवाद के वित्तपोषण पर रोक लगाना और पाकिस्तान के साथ सख्त रुख अपनाना शामिल है.

लोगों को मजबूती मिलना: मोदी का मानना है कि उनके प्रयासों से जम्मू-कश्मीर के लोग सशक्त होंगे और विकास की राह पर चल सकेंगे.

हालांकि, इस विषय पर विपक्ष के अलग विचार हैं. विपक्ष का तर्क है कि जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र को कमजोर किया गया है और लोगों की आवाज़ दबा दी गई है. साथ ही, आतंकवाद की समाप्ति के लिए सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के इस संबोधन से यह स्पष्ट है कि सरकार जम्मू-कश्मीर में बड़े बदलाव लाने की कोशिश कर रही है.