दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम 2020: शर्मनाक हार के बाद पीसी चाको ने दिया इस्तीफा, कहा- कांग्रेस का पतन 2013 में ही शुरू हो गया था
पीसी चाको ने कहा, दिल्ली में कांग्रेस की खराब स्थिति की शुरुआत साल 2013 में शीला दीक्षित के समय से ही शुरू हो गया था. पीसी चाको ने कहा है कि दिल्ली में एक नई पार्टी आम आदमी पार्टी के आने से कांग्रेस का सारा वोट बैंक छिन गया और हम उसे कभी फिर हासिल नहीं कर सके.
दिल्ली में विधानसभा चुनाव 2020 में कांग्रेस की शर्मनाक हार के बाद दिल्ली कांग्रेस प्रभारी का पीसी चाको (PC Chacko) ने कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पद से इस्तीफा दे दिया. पीसी चाको ने कहा कांग्रेस की हार नई नहीं है. उन्होंने कहा कांग्रेस पार्टी का पतन 2013 में शुरू हो गया था. दिल्ली की पूर्व सीएम दिवंगत शीला दीक्षित को कांग्रेस के हालत के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए पीसी चाको ने कहा, दिल्ली में कांग्रेस की खराब स्थिति की शुरुआत साल 2013 में शीला दीक्षित के समय से ही शुरू हो गया था. पीसी चाको ने कहा है कि दिल्ली में एक नई पार्टी आम आदमी पार्टी के आने से कांग्रेस का सारा वोट बैंक छिन गया और हम उसे कभी फिर हासिल नहीं कर सके. यह वोट बैंक अभी भी आम आदमी पार्टी के साथ बना हुआ है.
कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी में उथल-पुथल मची हुई है. हार के बाद प्रदेश पार्टी अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं. साल 2015 में भी पार्टी एक भी सीट हासिल नहीं कर पाई. इस साल के चुनावों में कांग्रेस ने अपनी स्थिति में सुधार के बड़े दावे किए थे, लेकिन कांग्रेस की शर्मनाक हार से सारे दावे खोखले साबित हुए. 2015 और 2020 दोनों चुनावों में कांग्रेस की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया. इस बार कांग्रेस का वोट प्रतिशत 4 फीसदी रहा.
पीसी चाको ने दिया इस्तीफा-
PC Chacko tenders his resignation from the post of Delhi Congress in-charge. https://t.co/4sj1YzVKs6
— ANI (@ANI) February 12, 2020
दिल्ली की जनता ने कांग्रेस को इस तरह अलविदा कहा कि दिल्ली की सत्ता पर लगातार 15 साल राज करने वाली कांग्रेस 2013 के चुनाव में पहले सिर्फ 8 सीटें हासिल कर पाई तो वहीं इसके बाद पार्टी अपना खाता तक नहीं खोल पाई. आलम यह है कि इस बार दिल्ली का चुनाव मुख्य रूप से आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच ही समझा जा रहा था.
बता दें दिल्ली विधानसभा चुनाव के मंगलवार को आए नतीजों में आम आदमी पार्टी को प्रचंड बहुमत हासिल हुआ. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अगुआई में आम आदमी पार्टी ने सत्ता बरकरार रखने के साथ-साथ 2015 के एतिहासिक प्रदर्शन को करीब-करीब दोहराया है. AAP को 70 सदस्यीय विधानसभा में 62 सीटों पर जीत मिली है जबकि बीजेपी ने आठ सीटों पर जीत दर्ज की है. आम आदमी पार्टी को 2015 में 67 सीटों पर जीत मिली थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 12, 2020 01:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

