Fact Check: बिहार की वाल्मीकि नगर सीट पर यूपी के 5,000 से ज्यादा वोटरों के नाम जोड़े गए? कांग्रेस-RJD ने ECI पर लगाए गंभीर आरोप, फैक्ट चेक में जानें सच्चाई
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Bihar Voter List Row Fact Check: बिहार में चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रोग्राम को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है. आयोग का दावा है कि ये अभियान सिर्फ वोटर लिस्ट को अपडेट और क्लीन करने के लिए चलाया जा रहा है. अब तक 10,570 शिकायतों में से 127 का निपटारा किया जा चुका है. लेकिन विपक्ष का आरोप है कि मामला इतना सीधा नहीं है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और RJD ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश से 5,000 से ज्यादा वोटरों के नाम गलत तरीके से बिहार की वाल्मीकि नगर सीट पर दर्ज कर दिए गए हैं.

रिपोर्टर्स कलेक्टिव की जांच में भी कई ऐसे केस सामने आए हैं, जहां वोटरों की जानकारी दोनों राज्यों में एक जैसी है. ये नियमों के खिलाफ है और चुनावी पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है.

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क्या सच में एक वोटर के नाम दो जगह जोड़े गए?

चुनाव आयोग ने आरोपों पर दिया सबूत

चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सबूत भी पेश किए हैं. आयोग का कहना है कि वीडियो टेस्टिमोनियल्स, डेली बुलेटिन और वेरिफिकेशन डेटा साबित करते हैं कि लिस्ट में गड़बड़ी नहीं है. इसके बावजूद, राजनीतिक दल इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बता रहे हैं.

फैक्ट चेक के बाद क्या निष्कर्ष निकला?

दरअसल, सच्चाई अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है. एक तरफ विपक्ष के पास डुप्लीकेट एंट्री के उदाहरण हैं, तो दूसरी तरफ आयोग के पास आधिकारिक वेरिफिकेशन का डेटा. असल तस्वीर सामने आने के लिए इंतजार करना होगा. तब तक ये विवाद राजनीति और सोशल मीडिया दोनों में गर्म रहने वाला है.