Shivraj Singh Chouhan on Poisonous Alcohol: उज्जैन में जहरीली शराब से हुई मौतों पर बोले सीएम शिवराज सिंह चौहान- मौत के सौदागरों किया जाए नेस्तनाबूत
शिवराज सिंह चौहान ( फाइल फोटो )

Shivraj Singh Chouhan on Poisonous Alcohol: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब (Poisonous Alcohol) पीने से हुई मौतों के मामले ने हर किसी को हिलाकर रख दिया है. राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान (Shivraj Singh Chouhan) ने अधिकारियों को मौत के सौदागरों पर सख्त कार्रवाई करते हुए नेस्तनाबूत करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री चौहान ने उज्जैन में जहरीले नशीले द्रव्य के सेवन से हुई मौतों के संबंध में दोषियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए कहा कि नशीली वस्तुओं के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों, उनके द्वारा अवैध रूप से ऐसे पदार्थों की आपूर्ति और बिक्री पर नजर रखी जाए. ऐसे लोगों की धरपकड़ की जाए और नशे के ऐसे सौदागरों को नेस्तनाबूत किया जाए. उज्जैन की तरह अन्य स्थानों पर यदि ऐसी वस्तुएं बेची जा रही हों तो दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए.

आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार बैठक में बताया गया कि उज्जैन में दोषी और लापरवाह पुलिसकर्मी निलंबित किए गए हैं. करीब डेढ़ हजार लीटर नशीले द्रव्य पदार्थ भी जप्त किए गए हैं. अन्य पुलिस जोन में भी ऐसी कार्रवाई चल रही है. पुलिस स्टाफ ऐसे व्यक्तियों की खोज और गिरफ्तारी कर रहा है जो इस व्यवसाय को संचालित कर रहे हैं. यह भी पढ़ें: Shivraj Singh Chouhan Attacks on Kamal Nath: मध्य प्रदेश विधानसभा उपचुनाव के बीच शिवराज का कमलनाथ पर तंज, कहा-वे उद्योगपति हैं, किसानों और गरीबों का दर्द क्या जानें, मैं किसान का बेटा हूं इसलिए समझता हूं

मुख्यमंत्री चौहान ने स्वास्थ्य विभाग को भी ऐसे पदार्थों की बिक्री और आपूर्ति करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने के निर्देश देते हुए कहा कि, "इस तरह की शराब अथवा अन्य नशीली चीजों के स्रोत, उनकी लायसेंसिंग और आपूर्ति के पहलुओं की जांच और अध्ययन कर प्रतिबंधात्मक वैधानिक कदम उठाए जाएं."

मुख्यमंत्री चौहान ने अधिकारियों से कहा कि मिलावट के विरुद्ध भी एक अभियान संचालित हो जिसमें दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, मिलावटखोरों के विरुद्ध सख्त एक्शन लिया जाए. किसी भी तरह की मिलावट का मामला हो, दोषी व्यक्ति बचना नहीं चाहिए. आम जनता को बचाने के लिए सभी संबंधित विभाग सतर्क, सजग और सक्रिय रहें. सिस्टम चुस्त-दुरुस्त बनाएं ताकि गड़बड़ियां न हों.