PM मोदी ने संभाली 2019 की कमान, 20 राज्यों में करेंगे ताबड़तोड़ 100 रैलियां, 24 जनवरी को जाएंगे कुंभ
साल 2019 का आगाज होते ही लोकसभा चुनाव के लिए भी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. देश के सभी राजनीतिक दल लोकसभा चुनाव में जीत के लिए एड़ी-चोटी का बल लगाने वाले है. वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी बीजेपी दोबारा जीत का परचम फहराने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है.
नई दिल्ली: साल 2019 का आगाज होते ही लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के लिए भी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. देश के सभी राजनीतिक दल लोकसभा चुनाव में जीत के लिए एड़ी-चोटी का बल लगाने वाले है. वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी बीजेपी (BJP) दोबारा जीत का परचम फहराने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है. इसलिए तो बीजेपी लोकसभा चुनाव के तारीखों के ऐलान होने से पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की अगुवाई में जोरदार प्रचार करने की रणनीति बना चुकी है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीएम मोदी आगामी लोकसभा चुनावों के लिए 20 राज्यों में करीब 100 रैलियां करने वाले है. पीएम मोदी 3 जनवरी को पंजाब के गुरदासपुर और जालंधर से चुनाव प्रचार का बिगुल फूंकने जा रहे है. सभी जगहों पर पीएम मोदी अपने 5 साल के शासनकाल के दौरान हासिल की गई उपलब्धियां बताएंगे. साथ ही कई जन-कल्याणकारी योजनाओं का भी शुभारंभ कर सकते है.
खबरों के मुताबिक पीएम मोदी की कुल 100 रैलियों में से अभी केवल कुछ ही के स्थान और तारीख का फैसला हो पाया है. पीएम मोदी 3 जनवरी को पंजाब के गुरदासपुर और जालंधर, 4 जनवरी को मणिपुर और असम, 5 जनवरी को झारखंड और ओडिशा में रैली करने वाले है. जबकि पीएम मोदी 22 जनवरी को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी जाएंगे और वहां से 24 जनवरी को इलाहाबाद में होने वाले कुंभ मेले में शिरकत करेंगे. बाकी के जगहों का ऐलान पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और शीर्ष पीएमओ अधिकारियों के बैठक के बाद पता फाइनल हो पाएगा.
पॉलिटिकल पंडितों की मानें तो हाल ही में संपन्न हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की तुलना में कांग्रेस पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है. जिसका पूरा श्रेय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को मिला है. इस नेतृत्व का सीधा असर लोकसभा चुनावों पर भी पड़ने के आसार है. इसलिए बीजेपी को अपनी सत्ता बचाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी और मजबूत रणनीति के साथ चुनावी मैदान में उतरना पड़ेगा.
आपको बता दें कि अप्रैल या मई महीने में लोकसभा चुनाव हो सकते है. लोकसभा के 543 निर्वाचित सदस्यों को एकल-सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्रों से मतदान द्वारा चुना जाएगा, जबकि देश के राष्ट्रपति एक अतिरिक्त दो सदस्यों को नामांकित करेंगे.
इससे पहले 2014 में हुए आम चुनाव की बात करें सभी नौ चरणों में औसतम 66.38% के आसपास रहा जो कि अब तक के लोकसभा चुनाव के इतिहास में सबसे ज्यादा था. चुनाव आयोग ने जिसके नतीजें 16 मई को घोषित किए थे. जिसमें से 336 सीटे जीतकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सत्ता में लौटा. इसमें से 282 सीटों के साथ बीजेपी देश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. वहीं संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) के खाते में महज 59 सीटे ही आई जिनमें से सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस को 44 सीटों पर जीत मिली थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 01, 2019 04:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

