लोकसभा चुनाव 2019: मणिपुर में बीजेपी के साथ अपने गठबंधन की समीक्षा करेगी नागा पीपुल्स फ्रंट
मणिपुर में बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन की सहयोगी पार्टी एनपीएफ ने कहा है कि पार्टी उसके विचारों और सुझावों को तवज्जो नहीं दे रही है...
इंफाल: मणिपुर (Manipur) में बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन की सहयोगी पार्टी नागा पीपुल्स फ्रंट (Naga People's Front) ने कहा है कि पार्टी उसके विचारों और सुझावों को तवज्जो नहीं दे रही है. एनपीएफ ने शनिवार को इस बात पर फैसला करने के लिये अपने नेताओं की बैठक बुलायी है कि उसे गठबंधन में बने रहना है या अपना समर्थन वापस लेना है. इन आरोपों को खारिज करते हुए बीजेपी ने कहा कि उसने सरकार के सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करने के लिये अपने सहयोगियों को हरसंभव सुविधाएं दी हैं.
‘पीटीआई’ से बात करते हुए नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के प्रदेश इकाई के प्रमुख अवांगबू नेवमई ने दावा किया कि बीजेपी अपने गठबंधन सहयोगियों को तुच्छ समझती है. इस बारे में विस्तृत जानकारी दिये बिना उन्होंने कहा, ‘‘2016 में गठबंधन सरकार के गठन के बाद से बीजेपी ने कभी गठबंधन की मूल भावना का सम्मान नहीं किया. ऐसे कई मौके आये जब उनके नेताओं ने हमारे सदस्यों को गठबंधन सहयोगी मानने से इनकार किया .’’
60 सदस्यीय विधानसभा में एनपीएफ के चार विधायक हैं. हमारे चारों विधायकों में से लोशी दिखो मंत्री हैं, जो माओ विधानसभा सीट से विधायक हैं. नेवमई ने यह भी कहा कि भगवा पार्टी ने अपने गठबंधन सहयोगियों को जो वादे किये थे उसे कभी पूरा नहीं किया.
उन्होंने दावा किया, ‘‘एनपीएफ ने हमेशा भाजपा को अपने बड़े भाई की तरह समझा है लेकिन यह भगवा पार्टी को हमें झांसा देने से नहीं रोक पाया. हमें उचित सम्मान नहीं मिला.’’ नेवमई के दावों को गलत बताते हुए मणिपुर में भाजपा प्रवक्ता सीएच बिजॉय ने कहा कि एनपीएफ ने गठबंधन में शामिल होने के दौरान कहा था कि उसे मंत्री पद नहीं चाहिए लेकिन अब ऐसा लगता है कि पार्टी की कई मांगें हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on May 17, 2019 02:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

