8th Pay Commission: पेंशनभोगियों के लिए बड़ी मांग; 90 वर्ष की आयु पर मिले अंतिम वेतन की 100% पेंशन, कर्मचारी संगठनों ने आयोग को सौंपा प्रस्ताव
8वें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों ने पेंशन निर्धारण को लेकर महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। संगठनों ने उम्र बढ़ने के साथ बढ़ते स्वास्थ्य और जीवन-यापन खर्चों को ध्यान में रखते हुए आयु-आधारित प्रगतिशील पेंशन प्रणाली लागू करने की सिफारिश की है। इस प्रस्ताव के तहत न्यूनतम पेंशन को अंतिम आहरित वेतन का कम से कम 67% करने और 90 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ पेंशनभोगियों को अंतिम वेतन का पूरा 100% पेंशन के रूप में देने की मांग की गई है.
नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए गठित 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) के समक्ष कर्मचारी संगठनों ने पेंशन वृद्धि का एक नया ढांचा प्रस्तुत किया है. नेशनल काउंसिल–जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) और अन्य पेंशनभोगी मंचों ने आयोग से पेंशन गणना प्रणाली में आमूलचूल बदलाव की सिफारिश की है.
संगठनों का मुख्य तर्क है कि वृद्धावस्था में चिकित्सा और परिचर्या से जुड़े खर्च तेजी से बढ़ते हैं, इसलिए पेंशन को कर्मचारी की बढ़ती आयु से सीधे जोड़ा जाना चाहिए. फिलहाल यह प्रस्ताव संगठनों की मांग का हिस्सा है और वेतन आयोग इस पर विचार कर रहा है.
न्यूनतम पेंशन अंतिम वेतन का 67% करने की मांग
वर्तमान 7वें वेतन आयोग के नियमों के तहत किसी कर्मचारी की मूल पेंशन उसके अंतिम मूल वेतन का 50 प्रतिशत अथवा अंतिम 10 महीनों के औसत परिलाभों के आधार पर तय होती है. कर्मचारी संगठनों ने इसे अपर्याप्त बताते हुए दो विकल्प सुझाए हैं:
- न्यूनतम 67% पेंशन: कर्मचारी की सेवानिवृत्ति के समय प्राप्त अंतिम आहरित वेतन (Last Pay Drawn - LPD) का कम से कम 67 प्रतिशत हिस्सा न्यूनतम पेंशन के रूप में निर्धारित किया जाए.
- 10 महीने का औसत: या फिर सेवा के अंतिम 10 महीनों के दौरान प्राप्त औसत परिलाभों के आधार पर पेंशन की गणना की जाए.
आयु-आधारित पेंशन वृद्धि: 90 वर्ष पर 100% पेंशन का फॉर्मूला
पेंशनभोगी संघों ने आयोग को एक विस्तृत आयु-वार स्लैब सौंपा है, जिसमें उम्र बढ़ने के साथ पेंशन के प्रतिशत में स्वतः बढ़ोतरी का प्रावधान रखा गया है:
| पेंशनभोगी की आयु | अंतिम वेतन (LPD) के प्रतिशत के रूप में प्रस्तावित पेंशन |
| 65 वर्ष | 70% |
| 70 वर्ष | 75% |
| 75 वर्ष | 80% |
| 80 वर्ष | 85% |
| 85 वर्ष | 90% |
| 90 वर्ष और उससे अधिक | 100% |
इस फॉर्मूले के अनुसार, यदि कोई पेंशनभोगी 90 वर्ष की आयु पूरी कर लेता है, तो उसे सेवानिवृत्ति के समय मिले अंतिम वेतन के बराबर (100%) पेंशन प्राप्त होगी। वर्तमान में 80 वर्ष की आयु के बाद ही अतिरिक्त पेंशन का लाभ मिलता है, जिसे संगठनों ने घटाकर 65 वर्ष से शुरू करने की मांग की है.
1.15 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ेगा असर
Livemint की रिपोर्ट के अनुसार, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लगभग 50 लाख कार्यरत केंद्रीय कर्मचारियों और रक्षा व रेलवे सहित करीब 65 लाख पेंशनभोगियों के जीवन स्तर को प्रभावित करेंगी.
इसके साथ ही, 31 दिसंबर 2025 को या उससे पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनभोगियों के हितों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जा रहा है. संगठनों ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के माध्यम से मांग की है कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए पूर्व पेंशनर्स को भी नए वेतन आयोग के संशोधनों का पूर्ण और समान लाभ दिया जाए.
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई समिति और रिपोर्ट की समय-सीमा
केंद्र सरकार द्वारा गठित 8वें वेतन आयोग का नेतृत्व सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं.
- पैनल के सदस्य: समिति में पूर्व आईएएस अधिकारी पंकज जैन बतौर सदस्य-सचिव और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य प्रोफेसर पुलक घोष सदस्य के रूप में शामिल हैं.
- रिपोर्ट की समय-सीमा: आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, जिसकी अंतिम समय-सीमा मई 2027 तक है.
- आयोग विभिन्न राज्यों का दौरा कर कर्मचारी यूनियनों और हितधारकों के साथ परामर्श प्रक्रिया पूरी कर रहा है.
आयोग की सिफारिशें आने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) की औपचारिक मंजूरी मिलने पर ही नया वेतन व पेंशन ढांचा अंतिम रूप से लागू हो सकेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 14, 2026 06:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

