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शिवसेना ने किया पीएम मोदी का समर्थन, कहा- प्रधानमंत्री के नेतृत्व से नहीं की जा सकती राहुल और प्रियंका गांधी की तुलना

बीजेपी के साथ बरसों की तकरार और इसकी नीतियों एवं नेताओं की आलोचना के बाद उसके और शिवसेना के बीच चुनाव पूर्व गठबंधन होने के दो दिन बाद उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली पार्टी की यह टिप्पणी आई है

शिवसेना ने किया पीएम मोदी का समर्थन, कहा- प्रधानमंत्री के नेतृत्व से नहीं की जा सकती राहुल और प्रियंका गांधी की तुलना
पीएम मोदी व उद्धव ठाकरे (Photo Credits PTI)

मुंबई:  शिवसेना (Shivsena) ने बुधवार को कहा कि 2014 के बाद से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की ‘विकास पुस्तिका’ में सुधार हुआ है और उन्हें उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi) का भी समर्थन है लेकिन उन दोनों की तुलना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व से नहीं की जा सकती. बीजेपी के साथ बरसों की तकरार और इसकी नीतियों एवं नेताओं की आलोचना के बाद उसके और शिवसेना के बीच चुनाव पूर्व गठबंधन होने के दो दिन बाद उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली पार्टी की यह टिप्पणी आई है. सीट समझौते को लेकर विपक्ष की आलोचना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के एक संपादकीय में कहा है कि गठबंधन को लेकर लोगों के दिमाग में कम लेकिन राजनीतिक विरोधियों के दिमाग में अधिक सवाल हैं क्योंकि इस गठबंधन की वजह से ‘‘कीड़े मकोड़े’’ कुचले जाएंगे.

मोदी के नेतृत्व का हवाला देते हुये इसमें कहा गया है, ‘‘2014 की तुलना में राहुल गांधी की विकास पुस्तिका में सुधार हुआ है. उन्हें प्रियंका की भी मदद मिल रही है. हालांकि, इसकी तुलना मोदी के नेतृत्व से नहीं की जा सकती.’’ पार्टी के सत्ता के लिए असहाय नहीं होने का हवाला देते हुये संपादकीय में कहा गया है कि कई सवाल हैं जैसे 2014 में मतभेदों के बावजूद बीजेपी के साथ क्यों रहे, क्या राम मंदिर बनेगा, क्या शिवसेना का मुख्यमंत्री होगा ... और इन सवालों का उत्तर ‘सकारात्मक’ है.

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इसमें कहा गया है कि गठबंधन पर सवालों का जवाब देने से बेहतर होगा कि महाराष्ट्र के लाभ के लिए बनायी गई ‘व्यवस्था’ आगे ले जाई जाए. मराठी दैनिक में कहा गया है कि बीजेपी  अध्यक्ष अमित शाह खुद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के आवास ‘मातोश्री’ आए. ठाकरे ने उनके सामने अपना पक्ष रखा और आखिरकार गठबंधन को एक और मौका देने का निर्णय लिया गया.

संपादकीय में कहा गया है कि शिवसेना और भाजपा के बीच कोई वैमनस्य नहीं है. आगे कहा गया है कि अगर (बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू प्रमुख) नीतीश कुमार मोदी से वैचारिक मतभेदों के बावजूद राजग से जुड़ सकते हैं और अगर कांग्रेस ‘‘महागठबंधन’’ बना सकती है तो फिर तो शिवसेना भाजपा नीत राजग का हिस्सा हमेशा ही रही है.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 20, 2019 01:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).