Karnataka Next CM: इन तीनों में से होगा कर्नाटक का अगला CM, जानें आंकड़े और समीकरण
कर्नाटक विधानसभा चुनाव विघ्न रहित समाप्त हुआ. राज्य के 2621 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है. सभी अपनी-अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं इससे पहले चुनाव प्रचार के दौरान सत्ता पक्ष से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह एवं योगी आदित्यनाथ से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, और प्रियंका गांधी अपना पूरा दम-खम झोंक चुके हैं. चूंकि इस बार मैदान में कई दिग्गज नेता भी शामिल हैं, लिहाजा इसके परिणाम पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है. लेकिन भावी मुख्यमंत्री का चेहरा माने जाने वाले तीन दिग्गजों बसवराज बोम्मई, सिद्धारमैया और कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार पर सबकी निगाहें टिकी हुई है. कयास लगाया जा रहा है कि इन्हीं में से किसी एक के सर पर ताज सजने वाला है. आइये जानते हैं इनके बारे में विस्तार से
बसवराज बोम्मई:
इस बार चुनाव मैदान में बसवराज बोम्मई अन्य सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें शिग्गांव से ही उतारा. शिग्गांव से नहीं लड़ने की वजह लिंगायत समुदाय बताया जा रहा है, जो फिलहाल येदियुरप्पा को रिटायर करने के विरुद्ध था. दूसरे समुदाय भी बोम्मई के खिलाफ थे. इस वजह से विपक्षी दल बोम्मई विरोधी वोटों के ध्रुवीकरण में लगे हुए हैं.
बसवराज सोमप्पा बोम्मई का जन्म 28 जनवरी 1960 में हुआ था. लिंगायत समूह के बोम्मई पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर हैं. दो बार एमएलसी और तीन बार विधायक के रूप में निर्वाचित हुए. राजनीतिक करियर की शुरुआत जनता दल से हुई थी. साल 2008 में भाजपा में शामिल होने के बाद इसी साल शिग्गांव (हावेरी जिले) विधानसभा की सीट जीता, इसके बाद से वह इस सीट को निरंतर जीतते आ रहे हैं. पहले वह जल संसाधन मंत्री बनाये गये. तदुपरांत कर्नाटक में येदियुरप्पा सरकार में गृह मंत्री, विधि मंत्री और संसदीय कार्य एवं विधान मंत्री के तौर पर कार्यरत थे.
सीएम का चेहरा माने जाने वाले भाजपाई बोम्मई के लिए यह चुनाव किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं होगा. अब देखने वाली बात यह है कि लिंगायत समुदाय का विरोध और बोम्मई विरोधी वोटों ध्रुवीकरण करने वालों वह करारा जवाब दे पाते हैं या नहीं.
सिद्धारमैया
इस बार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने वरुणा सीट (कर्नाटक) से सिद्धारमैया को टिकट देकर अल्पसंख्यक, पिछड़े वर्ग और दलितों का वोट खींचने की कोशिश की है, इस आधार को बल इसलिए भी मिलता है कि सिद्धारमैया को बतौर सीएम प्रमोट किया गया है. उधर मतदान की शाम को हुए एक एग्जिट पोल्स में सिद्धारमैया को भाजपा के मुकाबले बढ़त दिखाने से कांग्रेस खेमे में खुशियां पसरी हुई हैं. उधर भाजपा ने उनके खिलाफ लिंगायत नेता मंत्री वी सोमन्ना को मैदान में उतारा है, उन्हें भी कमजोर नहीं आंका जा सकता.
12 अगस्त 1948 को जन्मे सिद्धारमैया पेशे से वकील हैं. उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत 1977 में जॉर्ज फर्नांडीस के साथ लोकदल पार्टी में जुड़कर हुई. 1983 में जनता दल टिकट से चामुंडेश्वरी से निर्वाचित होकर विधायक बने. 1985 में इसी निर्वाचन क्षेत्र से वह पुनः निर्वाचित हुए और पशुपालन एवं पशु चिकित्सा मंत्री बने. 1989 में उन्हें कांग्रेस के एम राजशेखर से पराजय झेलना पड़ा था. साल 2018 में वह दो निर्वाचन क्षेत्रों चामुंडेश्वरी और बादामी के लिए कर्नाटक विधानसभा चुनाव लड़े, लेकिन केवल बादामी से जीत सके.
डीके शिवकुमार
सीएम की रेस में डीके शिवकुमार का भी नाम शामिल है. डीके शिवकुमार कांग्रेस के सबसे वफादार और धनवान प्रत्याशी हैं, इस तरह कांग्रेस के दो प्रत्याशियों का नाम कर्नाटक के भावी सीएम के रूप में लिया जा रहा है. स्वयं डीके शिवकुमार को भी पूरी उम्मीद है कि उनके पास सीएम बनने का बेहतरीन अवसर है. पूजा-पाठ और आध्यात्मिक प्रवृत्ति वाले डीके शिवकुमार कनकपुरा से आठ बार विधायक चुने जा चुके हैं.
डोड्डालाहल्ली केम्पेगौड़ा शिवकुमार अगर सीएम के तौर पर जीत हासिल कर लेते हैं तो उनके जन्म दिन का यह सबसे बड़ा तोहफा होगा. उनका जन्म 15 मई 1962 को हुआ था. डीके शिवकुमार ने अपना राजनीतिक करियर 1980 के दशक में एक छात्र नेता के रूप में शुरू किया था. उन्होंने अपना पहला चुनाव कांग्रेस के टिकट पर 1989 में 27 साल की उम्र में जीता था, जब वे मैसूर के सथानूर निर्वाचन क्षेत्र से कर्नाटक विधान सभा के लिए चुने गये. इसके बाद शिवकुमार ने 1994, 1999, 2004 और 2013 और 2018 में चुनाव जीता.
(The above story first appeared on LatestLY on May 13, 2023 08:11 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

