Jharkhand: अपने ही मंत्रियों के खिलाफ बागी हुए 12 कांग्रेस विधायक, आलाकमान से मिलने दिल्ली पहुंचे
झारखंड में चंपई सोरेन कैबिनेट के विस्तार के बाद बगावत पर उतरे कांग्रेस के एक दर्जन विधायकों की मान-मनौवल की कोशिश फिलहाल नाकाम हो गई है.
रांची, 17 फरवरी: झारखंड में चंपई सोरेन कैबिनेट के विस्तार के बाद बगावत पर उतरे कांग्रेस के एक दर्जन विधायकों की मान-मनौवल की कोशिश फिलहाल नाकाम हो गई है. 10 विधायक पार्टी के आलाकमान से मिलने शनिवार रात नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए, जबकि दो अन्य विधायक रविवार सुबह जाएंगे.
सीएम चंपई सोरेन भी शनिवार शाम को दिल्ली गए हैं. उनका कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित पार्टी के अन्य नेताओं से मिलने का कार्यक्रम है. माना जा रहा है कि सीएम की कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान कांग्रेस विधायकों की नाराजगी के मुद्दे पर बात हो सकती है. One Nation One Election: लोकसभा-विधानसभा चुनाव साथ हो, लेकिन स्थानीय निकाय चुनाव अलग हो, मोदी सरकार से नीतीश की मांग
कांग्रेस के नाराज विधायकों की मांग है कि चंपई सोरेन कैबिनेट में उनकी पार्टी से जिन चार लोगों को मंत्री बनाया गया है, उन्हें हटाकर नए चेहरों को मौका दिया जाए. ये चारों हेमंत सोरेन की सरकार में भी मंत्री थे, लेकिन इनमें से किसी का परफॉर्मेंस ऐसा नहीं है कि इन्हें दोबारा कैबिनेट में जगह दी जानी चाहिए थी.
शनिवार को नाराज विधायकों ने रांची के बिरसा चौक स्थित एक होटल में बैठक की. उन्हें मनाने के लिए मंत्री बसंत सोरेन पहुंचे. उन्होंने विधायकों से बात की, लेकिन वे अपनी मांग से अड़े रहे. विधायकों ने कह दिया है कि अगर कांग्रेस कोटे के चारों मंत्रियों आलमगीर आलम, रामेश्वर उरांव, बन्ना गुप्ता और बादल को नहीं हटाया गया तो वे 23 फरवरी से होने वाले विधानसभा के बजट सत्र का बहिष्कार करेंगे.
अगर ये विधायक अपनी मांग पर अड़े रहे तो चंपई सोरेन की सरकार विधानसभा सत्र के दौरान खतरे में पड़ सकती है. बजट मनी बिल होता है और इसपर मतदान के दौरान अल्पमत में रहने से सरकार गिर सकती है.
बता दें कि शुक्रवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के समय विधायकों ने अपनी नाराजगी जताते हुए खुद को सर्किट हाउस के कमरे में बंद कर लिया था. मान मनौव्वल के बाद ये लोग शपथ ग्रहण समारोह में गए, लेकिन नाराजगी कम नहीं हुई. नाराज विधायकों ने एक स्वर में कहा कि वह सरकार या महागठबंधन के खिलाफ नहीं हैं लेकिन जिस तरह से अंधेरे में रखकर कांग्रेस की ओर से पुराने मंत्रियों को ही दोबारा मंत्री पद की शपथ दिलाई गई वह गलत है.
इसलिए हम सब विधायक एकजुट होकर दिल्ली जा रहे हैं. वहां आलाकमान के सामने अपनी बात रखेंगे. नाराज चल रहे विधायकों में कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह, राजेश कच्छप, इरफान अंसारी, उमाशंकर अकेला, रामचन्द्र सिंह, नमन विक्सल कोनगाड़ी, दीपिका पांडेय सिंह, अंबा प्रसाद, सोनाराम सिंकू, शिल्पी नेहा तिर्की, भूषण बाड़ा शामिल हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 17, 2024 10:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

