देश

INX मीडिया मामला: अदालत ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर सीबीआई से मांगा जवाब

दिल्ली उच्च न्यायालय ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में तिहाड़ जेल में बंद पूर्व केन्द्रीय मंत्री पी. चिदंबरम की जमानत याचिका पर गुरुवार को सीबीआई से जवाब मांगा. न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने चिदंबरम की जमानत याचिका पर केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई)से जवाब मांगा है. याचिका में कांग्रेस नेता ने दावा किया है कि यह मामला ‘राजनीतिक बदले’ का है. 2007 में चिदंबरम मनमोहन सिंह सरकार में वित्त मंत्री थे.

INX मीडिया मामला: अदालत ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर सीबीआई से मांगा जवाब
पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम (Photo Credit-PTI)

नई दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में तिहाड़ जेल में बंद पूर्व केन्द्रीय मंत्री पी. चिदंबरम की जमानत याचिका पर गुरुवार को सीबीआई से जवाब मांगा. न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने चिदंबरम की जमानत याचिका पर केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई)से जवाब मांगा है. याचिका में कांग्रेस नेता ने दावा किया है कि यह मामला ‘राजनीतिक बदले’ का है.

चिदंबरम ने 19 सितंबर तक के लिए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने संबंधी निचली अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने वाली अपनी याचिका वापस ले ली है. दरअसल अदालत ने चिदंबरम से पूछा था कि उन्होंने दो अलग-अलग याचिकाएं क्यों दायर की हैं. अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की मौखिक अर्जी भी खारिज कर दी कि चिदंबरम को जेल में रोज घर का पका खाना खाने और परिवार के सदस्यों से रोज मिलने की अनुमति दी जाए.

यह भी पढ़ें : INX मीडिया केस: पी चिदंबरम ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की जमानत याचिका, न्यायिक हिरासत पर दिए गए फैसले को भी दी चुनौती

सीबीआई की ओर से मुकदमे की पैरवी कर रहे सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि चिदंबरम के परिजन उनसे सप्ताह में दो बार जेल में मुलाकात कर रहे हैं और बतौर राज्य ‘हम भदेभाव नहीं कर सकते.’ जमानत याचिका का विरोध करते हुए मेहता ने कहा कि मामला अभी आरोपपत्र दायर किए जाने से पहले के स्तर पर है और यह कथित भ्रष्टाचार 2007 में हुआ.

उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यह बात सामने आयी कि चिदंबरम ने अपने पद के अधिकार का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार किया, करोड़ों रुपये लिए और एफआईपीबी की मंजूरी दी. अदालत ने मामले की अगली सुनवायी की तारीख 23 सितंबर तय की है. सीबीआई ने चिदंबरम को इस संबंध में 21 अगस्त को दिल्ली के जोर बाग स्थित आवास से गिरफ्तार किया था.

कांग्रेस नेता ने इस संबंध में निचली अदालत में कोई अर्जी नहीं दी है. उन्होंने सीधे उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दायर की है. उन्होंने अपनी जमानत अर्जी में कहा है कि वह कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं जिनका समाज में एक रूतबा है, उनके देश छोड़कर भागने का भी कोई खतरा नहीं है और उन्हें राहत देने के एवज में अदालत जो भी शर्तें रखेगी, वह उन्हें मानने के लिए तैयार हैं.

जमानत अर्जी में चिदंबरम ने दावा किया है कि उन्होंने जांच एजेंसी या निचली अदालत द्वारा बुलाए जाने पर हमेशा जांच में सहयोग किया है और भविष्य में भी ऐसा करते रहेंगे. उन्होंने यह भी कहा है कि इस मामले के अन्य सभी आरोपी पहले से ही नियमित जमानत, अग्रिम जमानत या कानूनी रूप से जमानत पर हैं.

इस मामले में चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम और आईएनएक्स मीडिया के प्रमोटर इन्द्राणी तथा पीटर मुखर्जी भी आरोपी हैं. सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया को 2007 में 305 करोड़ विदेशी निधि प्राप्ति के लिए विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी में की गयी कथित अनियमितताओं के संबंध में 15 मई, 2017 को मामला दर्ज किया था. 2007 में चिदंबरम मनमोहन सिंह सरकार में वित्त मंत्री थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 12, 2019 02:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).