आर्थिक संकट का हल ढूंढने में जुटी सरकार, 6 दिन में दूसरी बार ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की होगी बैठक
देश में कोरोना वायरस के बाद अर्थव्यवस्था के सामने आई कई तरह की चुनौतियों से पार पाने में केंद्र सरकार जुटी है. 6 दिन के भीतर शनिवार को दूसरी बार ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक होगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर होने वाली इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, स्मृति ईरानी, अनुराग ठाकुर आदि प्रमुख मंत्री मौजूद रहेंगे.
नई दिल्ली, 23 मई: देश में कोरोना वायरस के बाद अर्थव्यवस्था के सामने आई कई तरह की चुनौतियों से पार पाने में केंद्र सरकार जुटी है. 6 दिन के भीतर शनिवार को दूसरी बार ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक होगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) के आवास पर शाम पांच बजे से होने वाली इस बैठक में देश के सामने मौजूद आर्थिक संकट और तमाम सेक्टर्स को चुनौतियों से उबारने के लिए दिए जाने वाले पैकेज का लाभ पहुंचाने जैसे विषयों पर चर्चा होगी. यह जानकारी सरकारी सूत्रों ने दी है. इससे पहले 18 मई को आर्थिक मसले पर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक हुई थी.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर होने वाली इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, स्मृति ईरानी, अनुराग ठाकुर आदि प्रमुख मंत्री मौजूद रहेंगे. बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बीते दिनों कोरोना संकट से कई सेक्टर को उबारने के लिए घोषित 20 लाख करोड़ के पैकेज का लाभ टारगेट ग्रुप तक पहुंचाने का प्लान तैयार होगा. सरकारी सूत्रों ने बताया कि सभी मंत्री इस दौरान देश के सामने आर्थिक मुश्किलों को कम करने की दिशा में सुझाव देंगे.
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मसलन, इस वक्त किन सेक्टर्स पर सरकार को फोकस करना है अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए क्या रोड मैप होना चाहिए, इन सब बातों पर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक में चर्चा होगी. इसके अलावा हर मंत्री जनता व विभिन्न वर्गों से चर्चा के दौरान मिले सुझावों को भी इस बैठक में रखेंगे. बैठक के बाद रिपोर्ट तैयार कर पीएमओ को भी जाएगी.
बता दें कि मोदी सरकार ने कोरोना के संकट से जूझ रहे तमाम सेक्टर के लिए 20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज घोषित किया था. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पांच दिनों तक लगातार शाम चार बजे प्रेस कांफ्रेंस कर हर सेक्टर के लिए घोषित इन राहत उपायों के बारे में जानकारी दी थी. गांवों में मनरेगा से रोजगार बढ़ाने के लिए 40 हजार करोड़ का अतिरिक्त बजट आवंटित हुआ है.
केंद्र सरकार कोयलाए खनिज,रक्षा उत्पादन, हवाई क्षेत्र प्रबंधन, हवाई अड्डे, विद्युत वितरण, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा जैसे आठ सेक्टर के निजीकरण का भी ऐलान कर चुकी है. अब इन घोषणाओं को धरातल पर उतारने की चुनौती है. इसी चुनौती से निपटने के लिए राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्री समूह रणनीति बनाने में जुटा है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 23, 2020 02:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

