Mumbai Maratha Reservation: मुंबई में चल रहे मराठा आरक्षण आंदोलन (Maratha in Mumbai) के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें देखा जा सकता है कि विदेशी पर्यटक भी इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बन गए हैं. वायरल क्लिप में, प्रदर्शनकारी मुस्कुराते हुए पर्यटकों से मराठा समुदाय का लोकप्रिय नारा 'Ek Maratha, Lakh Maratha' लगाने की अपील करते नजर आ रहे हैं. कई पर्यटक पारंपरिक ढोल और ताशा की थाप पर नाचते हुए और जोश के साथ नारे लगाते हुए भी दिखाई दिए. यह दृश्य आंदोलन के हल्के और सामूहिक उत्सवी रंग को उजागर करता है, हालांकि आंदोलन के पीछे गंभीर मांगें भी हैं.
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मराठा आरक्षण आंदोलन में दिखे विदेशी
विदेशी लोकांना पण वेड लावले आपल्या पोरांनी🤩🚩#मराठा_आरक्षण #मनोज_जरांगे_पाटील pic.twitter.com/sX5IevxE8t
— आदित्य कातारे पाटील 😍 (@adi_patil191) August 31, 2025
एक मराठा, लाख मराठा: विदेशी पर्यटक
Maratha Reservation Protesters Ask Foreign Tourist to Say ‘’One Maratha
One Million Maratha’’ At A Selfie Point Outside BMC.
Supporters Of Maratha Quota Activist,Gathered In A Massive Rally Demanding Maratha Reservation pic.twitter.com/YmoPlvgpkZ
— khalid Chougle (@ChougleKhalid) August 29, 2025
विदेशी युवक ने मराठा प्रदर्शनकारियों का दिया साथ
मोठ्या प्रमाणात आंदोलनेकर्ते आझाद मैदानात आले आहेत. एक मराठा, लाख मराठा या घोषणा देत आहेत. याचदरम्यान एका विदेशी तरूणाने मराठा आंदोलनकर्त्यांसह घोषणाबाजी केली आहे. त्याने मुंबई महानगरपालिकेच्या समोर एक मराठा लाख मराठा च्या घोषणा दिल्या आहेत. #MarathaReservation #MarathaAndolan pic.twitter.com/X2WB8B24qb
— SakalMedia (@SakalMediaNews) August 30, 2025
मराठा आरक्षण आंदोलन क्यों हो रहा है?
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल (Manoj Jarange Patil) आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन अनशन (Hunger Strike) पर हैं. वे शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में तत्काल आरक्षण लागू करने की मांग कर रहे हैं. आंदोलन अपने तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है और महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से हजारों समर्थक इसमें शामिल हो रहे हैं. प्रशासन ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं और प्रदर्शनकारियों को पानी, शौचालय और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं.
राजनीतिक नेताओं की कई अपीलों के बावजूद, पाटिल ने अनशन समाप्त करने से इनकार कर दिया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो और भी प्रदर्शनकारी लामबंद होंगे.
मराठा आरक्षण का मुद्दा बना संवेदनशील
मुंबई का यह आंदोलन गंभीरता और मनोरंजन का संगम प्रतीत हो रहा है. प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और नारेबाजी, नृत्य और जागरूकता फैलाने वाले दृश्य वायरल होकर आंदोलन को और अधिक चर्चा में ला रहे हैं.
यह आंदोलन साबित करता है कि मराठा आरक्षण का मुद्दा केवल महाराष्ट्र तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें गहरी सामाजिक और सांस्कृतिक संवेदनशीलता भी है, जिसमें स्थानीय और विदेशी दोनों नागरिक शामिल होते दिख रहे हैं.













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