Farmers Protest: किसानों के आंदोलन को लेकर सियासी पारा गरमाया, नरेंद्र सिंह तोमर ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और शरद पवार को लेकर कही ये बड़ी बात

कृषि कानूनों को लेकर केंद्र और विपक्ष में घमासान शुरू है. दोनों तरफ से इस मसले पर बयानबाजी हो रही है. कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है. एनसीपी चीफ शरद पवार ने अपने एक बयान में कहा कि 30 दिसंबर को सरकार और किसानों की मीटिंग में क्या होता है वह हम देखेंगे. कोई रास्ता निकला तो खुशी होगी, नहीं निकला तो हमें बैठना होगा और सोचना होगा. इसी बीच बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कृषि कानूनों पर बोलते हुए शरद पवार और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को लेकर कहा कि UPA के समय मनमोहन सिंह जी, शरद पवार जी भी चाहते थे यह कानून (कृषि कानून) बन जाए.

शरद पवार, नरेंद्र सिंह तोमर और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह (Photo Credits-PTI/ANI)

नई दिल्ली, 28 दिसंबर. कृषि कानूनों को लेकर केंद्र और विपक्ष में घमासान शुरू है. दोनों तरफ से इस मसले पर बयानबाजी हो रही है. कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है. एनसीपी चीफ शरद पवार ने अपने एक बयान में कहा कि 30 दिसंबर को सरकार और किसानों की मीटिंग में क्या होता है वह हम देखेंगे. कोई रास्ता निकला तो खुशी होगी, नहीं निकला तो हमें बैठना होगा और सोचना होगा. इसी बीच ICAR पूसा संस्थान में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि कानूनों पर बोलते हुए शरद पवार और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि UPA के समय मनमोहन सिंह जी, शरद पवार जी भी चाहते थे यह कानून (कृषि कानून) बन जाए. इस बयान के बाद यह मामला अब और आगे बढनेवाला है.

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि एक समय था हमारे पास गेंहू, धान, तिलहन का अभाव था। देश की आबादी बढ़ रही थी लेकिन हम अभाव से जूझ रहे थे। उस समय की सरकार, किसान संगठनों और वैज्ञानिकों ने प्रयास किया कि हमें देश में उत्पादन बढ़ाना चाहिए. अब हम उत्पादन में सरप्लस की स्थिति में है. उन्होंने कहा कि दुख इस बात का है कि UPA के समय मनमोहन सिंह जी, शरद पवार जी भी चाहते थे यह कानून (कृषि कानून) बन जाए. लेकिन दबाव और प्रभाव का सामना नहीं कर पाए, इस कारण वे यह कानून  बनाने का यश प्राप्त नहीं कर पाए. यह भी पढ़ें-Sharad Pawar on Farmers Protest: किसानों के आंदोलन के बीच शरद पवार बोले-30 दिसंबर को कोई रास्ता निकला तो ठीक, नहीं तो हमें बैठना होगा और सोचना पड़ेगा

ANI का ट्वीट-

तोमर ने कहा कि भारत सरकार द्वारा तीन कृषि क़ानूनों के सर्मथन में अनेक किसान संगठनों ने यहां पर कार्यक्रम कर जो समर्थन व्यक्त किया है मैं उसके लिए भारत सरकार की तरफ से आप सब का दिल से स्वागत करता हूं. वहीं कृषि कानूनों को लेकर केंद्र और किसानों ने बीच 30 दिसंबर को फिर बातचीत होनेवाली है.

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