Farmers Protest: बीजेपी ने पीएम किसान सम्मान निधि को लेकर ममता बनर्जी को घेरा, कैलाश विजयवर्गीय बोले-दीदी कहती है पहले मेरे खाते में पैसा डालो
देश में एक तरफ कृषि बिल को लेकर किसानों का घमासान जारी है. इस मसले को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र को घेर रही है. कृषि बिल को लेकर चल रही बयानबाजी के बीच बीजेपी अब पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार पर हमलावर हो गई है. भाजपा की तरफ से कैलाश विजयवर्गीय और राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता बनर्जी पर हमला बोला है. बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि दीदी कहती है पहले मेरे खाते में पैसा डालो.
नई दिल्ली, 25 दिसंबर. देश में एक तरफ कृषि बिल (Farm Bills 2020) को लेकर किसानों का घमासान जारी है. इस मसले को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र को घेर रही है. कृषि बिल को लेकर चल रही बयानबाजी के बीच बीजेपी अब पश्चिम बंगाल (West Bengal) की टीएमसी सरकार (TMC Govt) पर हमलावर हो गई है. भाजपा की तरफ से कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) और राज्यपाल जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) ने ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) पर हमला बोला है. बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि दीदी कहती है पहले मेरे खाते में पैसा डालो.
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आज 9 करोड़ किसानों के खाते में 18,000 करोड़ रुपए की राशि डाली लेकिन बंगाल का किसान इससे वंचित है क्योंकि दीदी कहती है पहले मेरे खाते में पैसा डालो. बंगाल में बिचौलिए कृषि मंडी में किसानों की उपज खरीदने पर 5-6 फीसदी तक कमीशन लेते हैं. यह भी पढ़ें-Farmers Protest: आप नेता राघव चड्ढा का केंद्र पर निशाना, कहा-किसानों के बैंक में पैसा डाल दो, बैठक कर दो यह सब मोदी सरकार की बरगलाने की कोशिश है
ANI का ट्वीट-
PM ने आज 9 करोड़ किसानों के खाते में 18,000 करोड़ रुपए की राशि डाली लेकिन बंगाल का किसान इससे वंचित है क्योंकि दीदी कहती है पहले मेरे खाते में पैसा डालो। बंगाल में बिचौलिए कृषि मंडी में किसानों की उपज खरीदने पर 5-6% तक कमीशन लेते हैं: कैलाश विजयवर्गीय, BJP pic.twitter.com/lfpq5AjhtS
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 25, 2020
वहीं पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि अब तक पीएम किसान सम्मान निधि के अंतर्गत भारत के हर किसान को 6000 रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से अब तक 14,000 रुपये मिल चुके हैं. पश्चिम बंगाल में 73 लाख किसानों को ये लाख नहीं मिला है. मैंने लगातार मुख्यमंत्री का ध्यान इस तरफ आकर्षित किया है.
राज्यपाल ने आगे कहा कि मेरा सरोकार इस बात से है कि शासन व्यवस्था संविधान के अनुरूप हो. जब मुझे लगता है कि भारत के संविधान को चीर-फाड़ कर, उसे तार-तार कर प्रशासन कोई कदम उठाता है तो राज्यपाल के लिए चुप रहना अपराध होगा, ये मैं किसी भी हालत में करने को तैयार नहीं हूं.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 25, 2020 06:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

