Farmers Protest: किसानों और केंद्र के बीच वार्ता से पहले कांग्रेस ने की तीन मांगे, रणदीप सुरजेवाला बोले-फिर पूर्वाग्रह छोड़ खुले मन से बात करे!
जहां एक तरफ किसान राजधानी दिल्ली में डंटे हुए हैं. दूसरी तरफ सियासी घमासान कम नहीं हो रहा है. लगातार बयानबाजी पुरे मुद्दे पर विपक्ष और केंद्र की तरफ से हो रही है. मोदी सरकार और किसानों के बीच गुरूवार को एक बार फिर बैठक होने जा रही है. इसी बीच कल होने वाली बैठक से पहले कांग्रेस ने तीन मांगे की है. साथ ही रणदीप सिंह सुरजेवाला ने केंद्र से कहा कि फिर पूर्वाग्रह छोड़ खुले मन से बात करे.
नई दिल्ली, 2 दिसंबर. जहां एक तरफ किसान (Farmers Protest) राजधानी दिल्ली में डंटे हुए हैं. दूसरी तरफ सियासी घमासान कम नहीं हो रहा है. लगातार बयानबाजी पुरे मुद्दे पर विपक्ष और केंद्र की तरफ से हो रही है. मोदी सरकार और किसानों के बीच गुरूवार को एक बार फिर बैठक होने जा रही है. इसी बीच कल होने वाली बैठक से पहले कांग्रेस (Congress) ने तीन मांगे की है. साथ ही रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) ने केंद्र से कहा कि फिर पूर्वाग्रह छोड़ खुले मन से बात करे.
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कल जब किसान बातचीत के लिए आएं, कांग्रेस की मांग है. 1) 3 काले कानून संस्पेंड करने की घोषणा. 2) 12,000 से अधिक किसान पर दर्ज मुक्दमे बगैर शर्त वापस. 3) किसान पर पराली जलाने के लिए करोड़ो का फाइन लगाने वाला ऑर्डिनेंस व दर्ज सारे मुकदमे वापस ले. फिर पूर्वाग्रह छोड़ खुले मन से बात करे! यह भी पढ़ें-Farmers Protest: किसानों के आंदोलन के बीच हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल का बड़ा बयान, कहा-किसान दिल्ली को घेर कर बैठ जाएंगे, ये लाहौर या कराची नहीं है
रणदीप सिंह सुरजेवाला का ट्वीट-
कल जब किसान बातचीत के लिए आएं, कांग्रेस की मांग है
1) 3 काले कानून संस्पेंड करने की घोषणा
2) 12,000 से अधिक किसान पर दर्ज मुक्दमे बगैर शर्त वापस
3) किसान पर पराली जलाने के लिए करोड़ो का फाइन लगाने वाला ऑर्डिनेंस व दर्ज सारे मुकदमे वापस ले
फिर पूर्वाग्रह छोड़ खुले मन से बात करे! pic.twitter.com/hqFjgYBQz3
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) December 2, 2020
उल्लेखनीय है कि सुरजेवाला ने इससे पहले कहा कि मोदी सरकार राजनीतिक तौर से बेईमान है व किसान की पीठ में छुरा घौंप रही है. देश में BJP सरकार नही, लगता है कंपनी राज है व संघर्ष ही इसका इलाज है. क्या ये महात्मा गांधी जी का भारत है? क्या BJP सरकार के मालिक ‘मुट्ठीभर उद्योगपति’ हैं या इस देश के 130 करोड़ नागरिक?
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 02, 2020 08:59 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

