दिल्ली हिंसा: उत्तर-पूर्वी के इलाकों में CBSE की परीक्षाएं स्थगित, हाईकोर्ट ने कहा- बोर्ड निकाले प्रभावी रास्ता
नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में सोमवार से फैली हिंसा अब तक थमी नहीं है. इस हिंसा में अब तक 20 लोगों मी मौत हो चुकी है. हिंसा का सबसे ज्यदा असर जाफराबाद, मौजपुर, गोकुलपुरी, करावल नगर आदि इलाकों में देखने को मिला है. वहीं हिंसा सबसे बुरा असर इन इलाकों के स्कूलों होने वाले परीक्षाओं पर पड़ा है. दिल्ली हाइ कोर्ट ने हिंसक घटनाओं के चलते सीबीएसई से बोर्ड परीक्षाओं को लेकर विकल्प निकालने को कहा है. दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई याचिका की सुनवाई पर जस्टिस राजीव शकधर की पीठ ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता है. हाई कोर्ट में दायर याचिका में दिल्ली में भड़की हिंसा के बीच बोर्ड परीक्षा केंद्र बदलने की मांग की गई थी. उत्तर-पूर्वी दिल्ली में परीक्षा के कुल 86 सेंटर हैं.
नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में सोमवार से फैली हिंसा अब तक थमी नहीं है. इस हिंसा में अब तक 20 लोगों मी मौत हो चुकी है. हिंसा का सबसे ज्यादा असर जाफराबाद, मौजपुर, गोकुलपुरी, करावल नगर आदि इलाकों में देखने को मिला है. वहीं हिंसा से सबसे बुरा असर इन इलाकों के स्कूलों में होने वाले परीक्षाओं पर पड़ा है. दिल्ली हाईकोर्ट ने हिंसक घटनाओं के चलते सीबीएसई से बोर्ड को परीक्षाओं को लेकर विकल्प निकालने को कहा है. दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका याचिका की सुनवाई पर जस्टिस राजीव शकधर की पीठ ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता है. हाई कोर्ट में दायर याचिका में दिल्ली में भड़की हिंसा के बीच बोर्ड परीक्षा केंद्र बदलने की मांग की गई थी. उत्तर-पूर्वी दिल्ली में परीक्षा के कुल 86 सेंटर हैं.
इससे पहले मंगलवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा था, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से परीक्षा के बारे में यथासंभव जल्द फैसला लेने और सभी पक्षों को जानकारी दे. अदालत पूर्वी दिल्ली के सूर्या निकेतन स्थित निजी स्कूल भाई परमानंद विद्या मंदिर तथा दसवीं एवं बारहवीं के कुछ विद्यार्थियों की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिन्होंने कहा गया है कि सीबीएसई ने उनके लिए जो केंद्र आवंटित किया है वह उनके स्कूल से 16 किलोमीटर दूर चंदू नगर-करावल नगर रोड पर है. यह इलाका हिंसाग्रस्त है. उन्होंने कहा कि उनके लिए हिंसक झड़पों के बीच परीक्षा केंद्र तक पहुंचना मुश्किल होगा. यह भी पढ़ें:- दिल्ली हिंसा: अरविंद केजरीवाल ने की प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू लगाने और आर्मी को बुलाने की मांग.
गौरतलब हो कि दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में हुई हिंसा में घायलों के लिए सुरक्षित रास्ता देने की मांग करने वाली याचिका पर आधी रात को दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीशों जस्टिस एस. मुरलीधर और अनूप जे. भम्भानी ने सुनवाई की. आधी रात 12.30 बजे न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर के आवास पर मीटिंग हुई. पीठ ने दिल्ली पुलिस को सभी संसाधनों को उपलब्ध कराके घायलों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, साथ ही उन्हें तत्काल इमरजेंसी उपचार मिलना सुनिश्चित कराने के लिए भी कहा.
अदालत ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि वह अनुपालन के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे, जिसमें घायल लोगों के बारे में जानकारी और उन्हें दिए जाने वाले उपचार शामिल हैं. मामले की सुनवाई बुधवार दोपहर 2.15 बजे होगी. ( एजेंसी इनपुट)
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 26, 2020 11:51 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

