देश

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020: एक्शन में चुनाव आयोग, अनुराग ठाकुर पर 72 और प्रवेश वर्मा पर 96 घंटों का लगाया बैन

दिल्ली में आठ फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार जोरों पर है. विधानसभा चुनाव की तारीखों के नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक बयानबाजियां तल्ख होती जा रही है. चुनाव आयोग ने हाल ही में विवादित बयान देने वाले केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर और बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा पर शिकंजा कसते हुए कार्रवाई की है.

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020: एक्शन में चुनाव आयोग, अनुराग ठाकुर पर 72 और प्रवेश वर्मा पर 96 घंटों का लगाया बैन
अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा (Photo Credits: PTI)

नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) में आठ फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के लिए प्रचार जोरों पर है. विधानसभा चुनाव की तारीखों के नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक बयानबाजियां तल्ख होती जा रही है. चुनाव आयोग ने हाल ही में विवादित बयान देने वाले केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) और बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा (Parvesh Verma) पर शिकंजा कसते हुए कार्रवाई की है. इसके तहत मोदी सरकार में मंत्री अनुराग ठाकुर पर 72 घंटे और बीजेपी नेता प्रवेश वर्मा पर 96 घंटों का प्रतिबंध लगाया गया है. इस अवधि में दोनों नेता किसी चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं ले सकेंगे.

न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक चुनाव आयोग ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर पर 72 घंटे और बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा पर 96 घंटों के लिए चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध लगाया है. दोनों नेताओं पर दिल्ली चुनाव में सामाजिक टकराव फैलाने वाले विवादित बयान देने के कारण चुनाव प्रचार करने पर यह प्रतिबंध लगाया गया है. दिल्ली: जामिया में युवक ने की फायरिंग, 1 शख्स घायल- पुलिस ने किया गिरफ्तार

एक चुनाव अधिकारी के मुताबिक प्रतिबंध की समय सीमा आयोग द्वारा गुरुवार को आदेश जारी करने के साथ ही शुरू हो जाएगी. चुनाव आयोग ने विवादित बयानों को लेकर मंगलवार को ठाकुर को और बुधवार को बीजेपी सांसद वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. दोनों नेताओं को अपना पक्ष रखने के लिए गुरुवार दोपहर 12 बजे तक का समय दिया गया था.

साथ ही दोनों नेताओं का नाम बीजेपी के स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर रखे जाने का आदेश भी प्रभावी रहेगा. दरअसल आयोग ने बीजेपी को ठाकुर और वर्मा का नाम अपने स्टार प्रचारकों की सूची से तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए थे.

निर्वाचन नियमों के मुताबिक, किसी पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल नेताओं के प्रचार का खर्च संबद्ध पार्टी के चुनाव प्रचार के खर्च में शामिल होता है. जबकि स्टार प्रचारकों की सूची से इतर नेताओं के प्रचार पर होने वाले व्यय को उम्मीदवार के चुनावी खर्च में शामिल किया जाता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 30, 2020 03:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).